देश की अदालतों में लंबित पड़े हैं 43 लाख मामले, न्‍यायाधीशों की कमी मुख्य वजह

0
28

विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय में 59,331 मामले और उच्च न्यायालयों में 43.55 लाख मामले लंबित हैं। लोकसभा में अदूर प्रकाश और बीएम टैगोर के प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की कमी नहीं है। 

उच्चतम न्यायालय वर्ष 2009 के बाद पहली बार 31 न्यायाधीशों की अपनी पूर्ण संख्या पर पहुंच गया है। मंत्री ने कहा, कि एक जुलाई, 2019 की स्थिति के अनुसार उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की 403 रिक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि एक जुलाई, 2019 की स्थिति के अनुसार उच्चतम न्यायालय में 59331 मामले और उच्च न्यायालयों में 43.55 लाख मामले लंबित हैं।

कानून मंत्री के अनुसार भारत के मुख्‍य न्‍यायमूर्ति (सीजेआई) ने उच्‍चतम न्‍यायालय में न्‍यायाधीशों की संख्‍या में वृद्धि करने के लिए प्रस्‍ताव भेजे हैं। जिससे प्रभावी रूप से कार्य करते हुए वादकारी जनता को समय से न्‍याय दिलाने के लक्ष्‍य को प्राप्‍त किया जा सके। इसके अलावा, उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशों की संख्‍या में वृद्धि और उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि का प्रस्‍ताव दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here