Protest in Hong Kong : दो दिनों बाद बहाल हुई सभी उड़ानें, एयरपोर्ट पर पांच प्रदर्शनकारी अरेस्‍ट

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हांगकांग की पुलिस ने अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पांच प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है शातिभंग और पुलिस अफसरों पर हमला करने के जुर्म में उन्‍हें गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं। उधर, हांगकांग एयरपोर्ट प्राधिकरण ने यह संकेत दिए हैं कि दो दिनों से अवरुद्घ उड़ानों को दोबारा से सुचारू कर दिया गया है। हांगकांग हवाई अड्डे पर दो दिनों हिंसक प्रदर्शन के कारण अधिकतर उड़ानें रद रहीं या विलंब से संचालित हो सकीं।
बता दें कि हांगकांग में अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार से ही विरोध प्रदर्शन चल रहा था। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी। इसे देखते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण ने दो दिनों के लिए अधिकतर उड़ानों को रद कर दिया था। हालांकि, जिन फ्लाइटों की चेक इन हो चुकी है वे रद नहीं की गई थीं। प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट प्राधिकरण व पुलिस की कार्रवाई की भर्तसना की है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। सरकार ने एयरपोर्ट पर हिंसक प्रदर्शन की कठोर शब्‍दाें में निंदा की है।
उधर, चीन ने भी हांगकांग में पुलिस अधिकारियों पर पेट्रोल बम फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों की निंदा की है और हिंसा को आतंकवाद से जोड़ दिया है। स्टेट काउंसिल के हांगकांग और मकाऊ मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता यांग गुआंग ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन हांगकांग के कानून के नियमों और सामाजिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त करते हैं। रविवार को भी प्रदर्शनकारियों ने लगातार 10वें हफ्ते सड़कों पर प्रदर्शन किया था। हांगकांग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
बता दें कि लोकतंत्र समर्थकों का आंदोलन तीन महीनों से लगातार जारी है। इससे पहले रिपोर्टों में यह कहा गया था कि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों ने अपने प्रदर्शन की रणनीति बदल दी है। वे अब पुलिस-प्रशासन से सीधे भिड़ने के बजाय ‘हिट एंड रन’ (वार करो और भाग जाओ) की तरह प्रदर्शन को अंजाम दे रहे हैं। बता दें कि हांगकांग में विरोध प्रदर्शन एक विवादित विधेयक के लाए जाने के खिलाफ शुरू हुए थे, जिसमें प्रावधान किया गया था कि अपराधियों को चीन में मुकदमा चलाने के लिए प्रत्यर्पित किया जा सकेगा। हालांकि, सरकार ने इस विधेयक को स्थगित कर दिया है, लेकिन अब यह लोकतंत्र का आंदोलन बन गया है।   

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