जिला उद्योग केन्द्र का सहायक प्रबंधक 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों चढ़ा लोकायुक्त टीम के हत्थे

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नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला नरसिंहपुर का है जहां लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत एक हितग्राही को 8 लाख का ऋण स्वीकृत करने के एवज में अस्सिटेंट मैनेजर ने 50 हजार रूपए की रिश्वत मांगी थी। जबलपुर लोकायुक्त ने एक ऑटो पार्ट की दुकान पर आरोपी को 5 हजार नकद एवं 30 हजार के चेक के साथ पकड़ा है।

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जानकारी के अनुसार, जबलपुर लोकायुक्त के डीएसपी जेपी वर्मा के नेतृत्व में जिला उद्योग केंद्र नरसिंहपुर में सहायक प्रबंधक डीएस जाटव को रिश्वत लेते पकड़ा है। गाडरवारा के राजेंद्र बाबू वार्ड निवासी मुकेश पिता तुलसीराम बिलासपुरिया ने 25 फरवरी को शिकायत की थी कि सहायक प्रबंधक डीएस जाटवरा द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में फोटो कॉपी मटेरियल के लिए 8 लाख का ऋण स्वीकृत करने के एवज में 50 हजार की रिश्वत मांगी जा रही है।

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शिकायत के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने गुरूवार को कार्रवाई की। टीम में डीएसपी वर्मा के साथ निरीक्षक कमल उइके, आरक्षक राकेश, शरद पांडे, सागर सोनकर एवं सोनू चौकसे मौजूद रहे। टीम गुरूवार को गाडरवारा पहुंची। यहां पानी की टंकी के पास एक ऑटो पार्ट की दुकान पर शाम करीब साढ़े 6 बजे सहायक प्रबंधक जाटव को जैसे ही मुकेश ने रिश्वत के रूप में 15 हजार नगद एवं भारतीय स्टेट बैंक शाखा गाडरवारा का महेंद्र कुमार वर्मा के नाम से बनाया गया 30 हजार का चैक दिया तो लोकायुक्त ने अधिकारी को रंग हाथो पकड़ लिया।  लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते ही जाटव ने रिश्वत की राशि व चेक दुकान में फेंक दिया, इस अफरातफरी के बीच दुकान के अंदर ही हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई थी। यहां तक कि आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई, लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने आफिस ले जाकर विधिवत कार्रवाई करते हुए अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामला दर्ज कर लिया है।

 

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