BJP विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में मुख्तार अंसारी बरी

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भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी और अन्य लोगों को बरी कर दिया है। इस मामले में अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी और 5 अन्य को भी बरी कर दिया गया है। मुख्तार अंसारी, जिनके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, 2005 से जेल में बंद हैं।

कृष्णानंद राय की नवंबर 2005 में गाजीपुर में छह अन्य लोगों के साथ हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने बाद में गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी पर हत्या का मामला दर्ज किया। अंसारी मऊ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए हैं। उनकी पहली जीत 1996 में हुई जब उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। 2010 में बसपा द्वारा आपराधिक गतिविधियों के लिए अंसारी को निष्कासित कर दिया गया था।

उन्होंने अपने भाइयों के साथ अपनी पार्टी कौमी एकता दल बनाई और 2012 के विधानसभा चुनाव में मऊ सीट से जीत हासिल की। बाद में उन्होंने 2017 में बसपा के साथ अपनी पार्टी का विलय कर लिया और राज्य चुनाव बसपा के उम्मीदवार के रूप में जीता। 

पिछले साल बागपत जेल के अंदर मारे गए गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी भी इस मामले में आरोपी था। एक अन्य हाई प्रोफाइल गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी को भी बरी कर दिया गया है।

राय की हत्या संभवत: पहली बार थी जब राज्य में गैंगवार में एके-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया था। जिस घात में भाजपा नेता की मौत हुई थी, उसमें सात लोगों की मौत हुई थी। हत्या के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। राय की पत्नी के लिखित अनुरोध के बाद 2006 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।


 

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