दिल्ली के भजनपुरा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार ने ही कराई थी हत्या

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दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक घर में परिवार के 5 सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। इस मामले में पुलिस ने परिवार के एक रिश्तेदार को ही हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने रिश्ते के मामा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उसने ही पैसे के लेन-देन के विवाद में परिवार की हत्या कराई है। बता दें बुधवार को इस हत्याकांड ने देश की राजधानी को हिलाकर रख दिया था। मां-बाप के साथ ही तीन बच्चों की हत्या की खबर जब इलाके में हुई तो खलबली मच गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की थी। बुधवार को घर से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। माना जा रहा है कि हत्या पांच से छह दिन पहले की गई। इतने दिनों तक शव घर में पड़े रहे। इसकी वजह से सभी शव बुरी तरह सड़-गल चुके थे।

बिहार का रहने वाला था परिवार

पुलिस के मुताबिक परिवार मूल रुप से बिहार के सुपौल का रहने वाला है। 45 साल के शंभूनाथ चौधरी अपनी पत्नी सुनीता और तीन बच्चों 12 साल की बेटी कोमल, 14 साल के बेटे सचिन और 17 साल के बेटे शिवम कुमार के साथ रहते थे। दंपती का शव एक कमरे से बरामद हुआ था, जबकि तीनों बच्चों के शव दूसरे कमरे में पड़े मिले थे। शव के पास ही एक हथौड़ा और आरी बरामद हुई। आशंका है कि इनका ही इस्तेमाल हत्याओं के लिए किया गया।

पुलिस ने इस हत्याकांड को लेकर मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों के साथ ही पड़ोसियों और मृतक परिवार के रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेजेस भी खंगालने में लगी है।

6 महीने पहले ही शिफ्ट हुआ था परिवार

शंभूनाथ परिवार के साथ सी ब्लॉक, गली नंबर-11, भजनपुरा में किराये पर रहते थे। लगभग 6 महीने पहले ही परिवार इस मकान में रहने आया था। शंभूनाथ ई-रिक्शा चलाते थे। उनके तीनों बच्चे यमुना विहार स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। शिवम बारहवीं, सचिन नौवीं और कोमल सातवीं कक्षा में पढ़ रही थी। एक साल पहले तक शंभू ज्यूस की रेहड़ी लगाते थे। बाद में उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया था।

बुधवार सुबह उनके मकान के सामने वाले दुकानदार को तेज बदबू आ रही थी। उसने पहले नगर निगम को फोन किया। जब नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें मकान बंद मिला। यह तेज बदबू अंदर से आ रही थी। निगमकर्मियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मकान का ताला तोड़कर जब घर के अंदर पहुंची तो उनके होश उड़ गए। एक कमरे में शंभू और उसकी पत्नी सुनीता और दूसरे कमरे में तीनों बच्चों के शव पड़े हुए थे। आसपास फैला खून पूरी तरह से सूख चुका था। कमरों का सारा सामान भी फैला हुआ था।

शंभू के चाचा मुन्नालाल चौधरी का कहना है कि उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। घर की आर्थिक हालत भी ठीक थी। घर से कुछ गायब है या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।

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