INX मीडिया केस: पी चिदंबरम ने किया अफसरों का बचाव, कहा- नहीं चाहता कोई गिरफ्तार हो

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आईएनएक्स मीडिया केस में जांच एजेंसियों के शिकंजे में फंसे पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम इन दिनों तिहाड़ जेल में बंद हैं. चिदंबरम नहीं चाहते हैं कि इस केस में शामिल किसी भी अधिकारी को गिरफ्तार किया जाए. पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता का कहना है कि आईएनएक्स मामले में किसी भी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि किसी ने कुछ गलत नहीं किया है. चिदंबरम के हवाले ने उनके परिवार ने उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ये जानकारी दी. चिदंबरम 19 सितंबर तक तिहाड़ जेल में रहेंगे.

चिदंबरम की तरफ से ट्विटर पर लिखा गया, ‘मुझसे लोग पूछते हैं कि आईएनएक्स मीडिया केस में कई अधिकारी लिप्त थे. लेकिन, उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया. फिर आपको ही क्योंकि गिरफ्तार किया गया? क्योंकि डॉक्युमेंट्स में आखिरी सिग्नेचर आपके थे? लोगों के इन सवालों का मेरे पास कोई जवाब नहीं है.’

एक दूसरा ट्वीट किया गया, ‘किसी भी अधिकारी ने कुछ भी गलत नहीं किया है. मैं नहीं चाहता कि कोई भी अधिकारी गिरफ्तार किया जाए.’

तिहाड़ की जेल नंबर 7 में हैं चिदंबरम
बता दें कि पी. चिदंबरम को तिहाड़ की जेल नंबर 7 में रखा गया है. यहां वह विचाराधीन कैदी नंबर-1449 हैं. जेल नंबर-7 में वैसे तो 350 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 650 कैदी बंद हैं. इनमें विचाराधीन और सजायाफ्ता दोनों ही तरह के कैदी शामिल हैं. जेल में बदबू की वजह कैदियों की बढ़ती भीड़ और गंदगी भी हो सकती है. हालांकि, चिदंबरम ने अभी तक जेल प्रशासन से ऐसी बदबू की शिकायत नहीं की है.

क्या है INX मीडिया केस?
साल 2007 में इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी ने आईएनएक्स मीडिया नाम से कंपनी बनाई. फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) ने आईएनएक्स मीडिया को 4.62 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की परमिशन दी थी. मगर आईएनएक्स मीडिया ने 305.36 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश हासिल किया. इस रकम में से आईएनएक्स मीडिया ने गलत तरीके से 26% हिस्सा आईएनएक्स न्यूज में लगा दिया. इसके लिए FIPB की परमिशन नहीं ली गई. सीबीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने पाया कि आईएनएक्स मीडिया के पास मॉरिशस स्थित तीन कंपनियों से गलत तरीके पैसे आ रहे हैं.

15 मई 2017 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड की अनियमितता के आरोप में एफआईआर दर्ज की. आरोप था कि FIPB ने आईएनएक्स मीडिया को 2007 में वित्त मंत्री के तौर पर पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान विदेश से 305 करोड़ रुपये फंड देने के लिए क्लियरेंस देने में अनियमितता बरती थी. इस तरह पहली बार इस केस में पी. चिदंबरम का नाम आया.

देश-विदेश में खरीदीं 54 करोड़ की संपत्तियां
ईडी का आरोप है कि चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने स्पेन में टेनिस क्लब, यूके में कॉटेज के साथ-साथ देश-विदेश में कुल 54 करोड़ की संपत्तियां खरीदी हैं. ईडी जानना चाहती है कि कार्ति के पास ये संपत्तियां खरीदने के पैसे कहां से आए. ईडी ने अक्टूबर 2018 में एक अटैचमेंट ऑर्डर पास किया था. इसके मुताबिक ये सारी संपत्तियां आईएनएक्स मीडिया केस में मिली रिश्वत की रकम से खरीदी गई हैं.

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