हनीट्रैप: दिल्‍ली-NCR में हैं तो सावधान! अमीरों को खूबसूरती के जाल में फंसाने के लिए घूम रही हैं विदेशी लड़कियां

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मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में हनी ट्रैप का मामला इन दिनों गरमाया हुआ है। ऐसा ही एक गैंग राजधानी दिल्‍ली और इससे सटे इलाकों में सक्रिय है और वो बिल्‍कुल उसी तरह अमीरों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये ऐंठ रहे हैं। इसका खुलासा मेल टूडे ने अपनी एक स्‍पेशल रिपोर्ट में किया है। मेल टूडे ने ऐसे गैंग के बारे में बताया है जो अमीर बिजनैसमैन, बिल्डर, डॉक्टर्स, आर्किटेक्ट, ज्वैलर्स, वकील को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। ये गैंग बिल्‍कुल कॉरपोरेट तरीके से चलता है जिसमें समय-समय पर हायरिंग होती है। जाल बिछाने से पहले ये गैंग अपने टारगेट की आर्थिक हालत की जानकारी करते हैं। जब उसकी माली हालत को लेकर वो पूरी तरह से संतुष्ट हो जाते हैं तो आगे का काम शुरू किया जाता है। दिल्‍ली-एनसीआर में इस तरह के 5 गैंग सक्रिय हैं।

जहांगीर गैंग

जहांगीर गैंग ने दिल्‍ली और उसके पास के इलाकों में अबतक करीब 10 से ज्‍यादा लोगों को अपना निशाना बना चुका है। मेल टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस गैंग ने अबतक करीब 2 करोड़ रुपये ऐंठे हैं। इन्‍होंने डॉक्टर, होटल मालिक, आर्किटेक्ट, बेकरी मालिक, एसी शोरूम के मालिक, तीन रियल स्टेट डेवलपर्स और एक ट्रेवल एजेंट को अपना निशाना बनाया था। पश्चिम एशिया में सक्रिय यह गैंग शिकार को फंसाने के लिए 25 साल की युवती को हॉयर किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वो युवती दिल्‍ली के एक नामी डॉक्‍टर के पास इलाज के बहाने गई। इलाज के दौरान उसने डॅाक्‍टर से नजदीकी बनाई और एक डॉक्‍टर को इलाज के लिए अपने घर बुला लिया। घर पर दोनों के बीच संबंध बन गए और सबकुछ रिकॉर्ड कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि एक दिन डॉक्‍टर के मोबाइल पर एक विडियो क्‍लिप आया और उनसे 20 लाख रुपए की मांग की गई। डॉक्‍टर ने गैंग को कुछ रकम तो दे दी लेकिन पुलिस से इस बात की शिकायत कर दी। पुलिस ने इस मामले में दक्षिण दिल्ली से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन गैंग का सरगना जहांगीर उर्फ शेखू और डॉक्टर को ब्लैकमेल करने वाली महिला अभी भी फरार है।

मिट्ठू गैंग

मिट्ठू गैंग अपना सारा काम ऑनलाइन करता था। इस गैंग की 7 महिलाओं को दिल्ली पुलिस ने अप्रैल में गिरफ्तार किया था। ये गैंग दक्षिण दिल्ली के एक ज्वैलर को ब्लैकमेल कर रहा था और उससे 10 लाख रुपये वसूल चुका था। इतना ही नहीं कानूनी बाधाओं से निपटने के लिए इस गैंग ने बाकायदा एक कानूनी सलाहकार भी नियुक्त कर रखा था।

परमिंदर गैंग

ये गैंग 20 से 30 साल की लड़कियों/महिलाओं की भर्ती करता था। इसी साल मार्च में इसने 5 लोगों को अपने जाल में फांसा। इस गैंग से पीड़ित लोगों ने जब पुलिस में शिकायत की तो इसका भांडा फूटा।

रोहित गैंग और मुकेश गैंग

रोहित गैंग गुरुग्राम में सक्रिय था। गुरुग्राम पुलिस ने इस गैंग का खुलासा किया और सरगना रोहित और उसके एक सहायक को गिरफ्तार किया। इस गैंग ने दिल्‍ली-एनसीआर के लगभग 30 से ज्‍यादा लोगों को फंसाया था और ब्‍लैकमेल कर 1.5 करोड़ रुपये ऐंठे थे। इसके अलावा मुकेश गैंग ने भी रोहिणी और बाहरी दिल्ली के दूसरे इलाकों में सक्रिय था। इस गैंग की लोगों को फंसाने का काम करती थीं। जब ये महिलाएं अपने शिकार के साथ होती थीं, इस दौरान धोखे से वीडियो बनाया जाता था। इसी दौरान गैंग के लोग छापा मारते थे और पीड़ित को रेप केस में फंसाने की धमकी देते थे। मुकेश और इस गैंग के लोग दिल्ली में 30 ऐसे केस में शामिल हैं।

गैंग का सरगना डेबिट कार्ड मांगकर उससे निकालता था पैसा

इन पांचों गैंग के सरगनाओं का पैसा मांगने का तरीका एक जैसा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जाल में फंसे लोगों से पैसा ऐंठने के लिए ये लोग डेबिट कार्ड मांगते थे। इसके लिए एक जगह तय होती थी, वहां पर पीड़ित पक्ष अपना डेबिट कार्ड छोड़ देता था, फिर पासवर्ड बताया जाता था। पैसा निकालने के बाद कार्ड वापस कर दिया जाता था।

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