भारतीय नौसेना को मिलेगा अमेरिका का ‘रोमियो’, ट्रंप की यात्रा से पहले बड़ी रक्षा डील हुई मंजूर

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अमेरिकी राष्ट्रपति की दो दिवसीय यात्रा से पहले भारत की ओर से रक्षा डील की एक पहल की गई है। भारतीय नौसेना के लिए मल्टीरोल एमएच- 60 रोमियो हेलीकॉप्टर की खरीद को भारत ने मंजूरी दे दी है। ट्रंप के दौरे के दौरान ही इन हेलीकॉप्टरों की डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ दिन पहले अमेरिका ने राजधानी दिल्ली के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पेशकश भी की थी हालांकि इसकी बेहद महंगी कीमत डील के रास्ते में बाधा बन सकती है।

भारतीय नौसेना के कई नए जहाज बीते कुछ समय और आने वाले दिनों में तैयार हो रहे हैं। इन जंगी जहाजों में से हर एक पर कम से कम एक हेलीकॉप्टर की जरूरत होती है जो कई अभियानों में मददगार साबित होता है और नौसैन्य जहाजों पर ऐसे ही हेलीकॉप्टरों की तैनाती के लिए एमएच-60 ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टरों को अमेरिका से खरीदे जाने की योजना है।

ट्रंप के दौरे पर ‘रोमियो’ की डील: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 और 25 फरवरी को भारत के दौरे पर आने वाले हैं और इस दौरे से पहले नौसैन्य हेलीकॉप्टरों को लेकर भारत की ओर से 24 रोमियो हेलीकॉप्टर के लिए 2 अरब डॉलर की डील को मंजूरी दी गई है। चीन के हिंदमहासागर क्षेत्र में बढ़ते दखल के बीच अमेरिकी हेलीकॉप्टरों की खरीद काफी अहम है। बीते समय में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है और रूस के अलावा अमेरिका भारत के दूसरे बड़े रक्षा साझेदार के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।

‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर की जरूरत क्यों: अमेरिकी हेलीकॉप्टर एमएच-60 रोमियो का इस्तेमाल वैसे तो कई तरह के अभियानों में किया जा सकता है लेकिन पनडुब्बी रोधी मिशनों में यह काफी कारगर है और हिंद महासागर में बीते समय चीन की पनडुब्बियों की घुसपैठ की घटनाओं के बीच यह हेलीकॉप्टर खासा अहम हो जाता है। इस हेलीकॉप्टर को अमेरिकी ‘सिकोरस्की’ कंपनी बनाती है।

भारतीय नौसेना को अपने सैन्य जहाजी बेड़े पर तैनाती के लिए 120 मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों की जरूरत है। नौसेना के जहाजों पर हेलीकॉप्टरों की तैनाती से उनकी क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसके लिए साल 2017 में रिक्वेस्ट जारी किया गया था और इसके बाद यह मामला अटका रहा। अब 24 रोमियो हेलीकॉप्टर के साथ इस जरूरत को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

दिल्ली की सुरक्षा के लिए मिसाइल डिफेंस सिस्टम: भारत की राजधानी को किसी भी बाहरी दुश्मन के हमले से बचाने के लिए भारत बीते काफी समय से मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती पर विचार कर रहा है। इसके लिए अमेरिकी नैशनल अडवांस्ड सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम (NASAMS) को खरीदे जाने पर विचार किया जा रहा था लेकिन इसके लिए अमेरिका की ओर से  1.9 बिलियन डॉलर कीमत तय की गई थी जो भारत की अपेक्षा से लगभग दोगुनी निकली। 

इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर ट्रंप की यात्रा के दौरान चर्चा हो सकती है हालांकि रक्षा सूत्रों की ओर से बीते समय में कहा गया है कि ज्यादा कीमत के चलते रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।


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