रूस से एसयू-57 लड़ाकू विमान की डील कर सकते है भारत-चीन

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बीजिंगः चीन रूस से अत्याधुनिक लड़ाकू स्टील्थ विमान सुखोई एसयू-57 खरीदने पर विचार कर रहा है । मास्को ने अपने इस बेहतरीन लड़ाकू विमान को बेचने के लिए चीन और भारत की संभावित खरीददार के रूप में पहचान की है। अगर भारत और चीन ने रूस से ये डील की तो इससे दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ फिर शुरू हो सकती है। दुनिया का सबसे उत्तम लड़ाकू विमान विमान बताते हुए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अपने इस एसयू-57 को पांचवीं पीढ़ी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान बताया है जो हवाई, जमीनी और नौसेना लक्ष्यों को आसानी से मार गिरा सकता है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, मलेशिया में लांग्कवी इंटरनेशनल मैरीटाइम एंड एयरोस्पेस इक्जीबिशन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रूस की रोस्टेक डिफेंस इंडस्टि्रयल के इंटरनेशनल कोआपरेशन एंड रीजनल पालिसी निदेशक विक्टर क्लादोव ने कहा कि इस युद्धक विमान के संभावित खरीददारों के रूप में चीन और भारत जैसे देशों की पहचान की गई है। चीनी वायुसेना के पास इस समय जे-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों के अलावा रूस के एसयू-35 विमानों का बेड़ा है। भारत फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है, इसलिए चीन अपनी वायुसेना को और मजबूती देने के लिए एसयू-57 खरीदने पर विचार कर रहा है।

चीन हालांकि अपने देश में खुद नई पीढ़ी के युद्धक विमान तैयार कर रहा है, लेकिन वह विमानों के इंजन के मामले में रूसी इंजनों पर ज्यादा भरोसा करता है। चीन खुद उस तरह के इंजन नहीं तैयार कर पाया है, इसीलिए पाकिस्तान के साथ संयुक्त रूप से तैयार किए जा रहे जेएफ-17 विमानों में भी रूसी ईंजन लगाए गए हैं। चीन के रक्षा विश्लेषक तथा एयरोस्पेस नॉलेज के चीफ एडिटर वांग यानन ने कहा कि रूस ने पांचवीं पीढ़ी के अपने इस स्टील्थ युद्धक विमान को खरीदने का चीन और भारत को प्रस्ताव दिया है।

उन्होंने कहा कि चीन की तरह भारत में भी पांचवीं पीढ़ी का कोई विमान नहीं है इसलिए एसयू-57 भारत के लिए भी एक अच्छा विकल्प साबित होगा। वांग ने कहा कि यद्यपि वह इस विमान की खूबियों से प्रभावित हैं, लेकिन लगता नहीं कि हमारा देश इस विमान को खरीदेगा, क्योंकि चीन खुद पहले से ही पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान जे-20 तैयार कर रहा है।

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