सीरिया पर तुर्की के हवाई हमले की भारत ने की आलोचना, कहा-क्षेत्रीय अखंडता का हो सम्मान

0
44

जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले पर ज्ञान बघारने वाले तुर्की को विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को करारा जवाब दिया। विदेश मंत्रालय ने सीरिया के उत्तरी हिस्सों पर तुर्की के हमलों की कड़ी आलोचना की है। मंत्रालय ने तुर्की से सीरिया की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान एवं संयत बरतने के लिए कहा है। भारत ने तुर्की से सीरिया के साथ सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान बातचीत के जरिए करने का आह्वान किया है। तुर्की पर भारत का यह बड़ा बयान है।   

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में तुर्की द्वारा की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई से हम काफी चिंतित हैं। तुर्की की यह सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और क्षेत्र में स्थिरता को कमजोर कर सकती है। इस सैन्य कार्रवाई से मानवीय एवं नागरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हम तुर्की से आह्वान करते हैं कि वह सीरिया की सम्प्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे।’

मंत्रालय ने कहा, ‘तुर्की का संयत बरतना चाहिए। हमारा अनुरोध है कि तुर्की सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान वार्ता एवं बातचीत से करे।’ तुर्की की इस सैन्य कार्रवाई पर विदेश मंत्रालय का यह बड़ा बयान माना जा रहा है। भारत आम तौर पर किसी तीसरे देश के मामलों में दखल नहीं देता लेकिन इस बयान को कश्मीर पर तुर्की द्वारा दिए गए बयान के जवाब में देखा जा सकता है।

यूएन में तुर्की के राष्ट्रपति ने उठाया था कश्मीर मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महाधिवेशन में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने कश्मीर का जिक्र किया था। एर्दोआन ने कहा था कि कश्मीर समस्या का समाधान टकराव से नहीं बल्कि न्याय एवं समानता के आधार पर होना चाहिए। बता दें कि तुर्की ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान का समर्थन किया है। अपने भाषण में एर्दोआन ने कहा कि कश्मीर मसले के हल के बिना दक्षिण एशिया में स्थिरता एवं समृद्धि नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या 72 वर्षों से चली आ रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब तक इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है।

तुर्की ने उत्तरी सीरिया पर किए हवाई हमले
सीरिया के कई इलाकों पर कुर्द लड़ाकों का नियंत्रण है। तुर्की ने सीरिया के उत्तर-पूर्वी भाग पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों पर राष्ट्रपति एर्दोआन का कहना है कि तुर्की सीरिया में एक ‘सेफ जोन’ बनाने की तैयारी कर रहा है। समझा जाता है कि तुर्की के इस कदम से अमेरिका के साथ उसका तनाव बढ़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिनों पहले कहा कि तुर्की यदि कुर्द लड़ाकों को निशाना बनाता है तो वह उसकी अर्थव्यवस्था को ‘तबाह’ कर देंगे। बता दें कि सीरिया में आईएस को हराने में कुर्द लड़ाके अमरीका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here