चेन्नई में IT कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा, जानें क्या है वजह

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पानी की किल्लत को देखते हुए चेन्नई स्थित कई आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। कई होटलों ने दोपहर के भोजन की सेवा बंद कर दी है और कुछ ने अपने शटर बंद कर दिए हैं।

चेन्नई के ओल्ड महाबलिपुरम रोड (ओएमआर) पर 650 छोटी-बड़ी कंपनियों में लाखों लोग काम करते हैं जो जलसंकट से परेशान हैं। जल संकट को देखते हुए कंपनियों ने यहां काम कर रहे 20 हजार से अधिक कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। उन्हें कंपनियों के बेंगलुरु और हैदराबाद ऑफिस से काम करने का विकल्प भी दिया गया है। 

आईटी कर्मचारी संघ-यूनाइट के अध्यक्ष टी भरानिधरन ने कहा कि ओएमआर क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को हर दिन तीन करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जिसमें से 60% आईटी उद्योगों द्वारा खपत होती है। लगभग 4000 टैंकर इन फर्मों को पानी की आपूर्ति करते हैं। 

बर्तन धोने की मनाही
यहां स्थित कंपनियां पानी की खपत कम करने के लिए तमाम उपाय कर रही हैं। कॉग्निजेंट जैसी कुछ कंपनियों ने पानी बचाने की नई तरकीब निकाली है। यहां कर्मचारी लंच ला सकते हैं, लेकिन उन्हें कंपनी में बर्तन धोने की मनाही है। 

सूखे की वजह 
चेन्नई को पानी की आपूर्ति करने वाले तीन जलाशय पोन्डी, चोलवारम और चेम्बरमबक्कम सूख गए हैं। 

मंत्री ने बताया अफवाह
स्थानीय प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने इस बात से इनकार किया कि सॉफ्टवेयर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को पानी की कमी के कारण घर से काम करने का विकल्प दिया है। यह अफवाह है। वहीं, राज्य की विपक्षी पार्टी द्रमुक ने इसे सरकार की असफलता बताया है। 

होटल बंद होने की आशंका
चेन्नई होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि ने आशंका जताई कि 50,000 से अधिक छोटे और छोटे होटलों में से लगभग आधे पानी की गंभीर कमी के कारण बंद हो सकते हैं।  

जरूरी जानकारी
– 650 आइटी कंपनियां हैं चेन्नई स्थित ओएमआर में 
– 03 करोड़ लीटर पानी की जरूरत होती है यहां गर्मियों में रोजाना 
– 60 प्रतिशत पानी जाता है आइटी कंपनियों और अन्य दफ्तरों में

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