फिर बेनकाब हुआ हुआ पाकिस्तान, आतंक के आका हाफिज सईद को मिली जमानत

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पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। सरकार द्वारा कोर्ट में सही ढ़ंग से पैरवी नहीं करने की वजह से  26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और कुख्यात आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी कोर्ट (एटीसी) से जमानत मिल गई है। आतंकी संगठन जमात उद दावा के मुखिया हाफिज के अलावा तीन अन्य लोगों पर मदरसा के लिए दी गई जमीन पर आतंकी शिविरों को चलाने का आरोप है। कोर्ट ने हाफिज के अलावा हाफिज मसूद, आमेर हमजा और मलिक जफर को 31 अगस्त तक 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। 

हाफिज पर चल रहे हैं और भी मामले
सुनवाई के दौरान हाफिज के वकील ने कोर्ट से जिरह करते हुए कहा कि जमात उद दावा किसी भी जमीन का उपयोग अवैध तरीके से नहीं कर रहा है इसलिए हाफिज की जमानत को स्वीकार किया जाए। हालांकि लाहौर हाइकोर्ट ने पंजाब सरकार और आतंक निरोधी संस्था को इस मामले में एक नोटिस जारी किया है। हाफिज के खिलाफ और भी मामले चल रहे हैं। पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने गत तीन जुलाई को सईद सहित उसके 13 नेताओं के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में टेरर फंडिंग के आरोप में 23 एफआईआर दर्ज की थी।

कौन है हाफिज सईद

हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और फिलहाल जमात -उद -दावा के नाम से एक संगठन चला रहा है जो आतंकवाद के प्रति युवाओं को आकर्षित करने का काम करता है। मुंबई पर जब 26/11 का आतंकी हमला हुआ था तो उसका मास्टरमाइंड हाफिज सईद ही था। मुंबई हमले में 6 अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोगों की मौत हो गई थी। हाफिज कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला ऐसा शख्स है जो भारत के कई हिस्सों तथा पाकिस्तान में इस्लामी शासन स्थापित करना चाहता है।

यूएन ने किया है आतंकी घोषित

जब पाकिस्तान की सरकार ने हाफिज के संगठन लश्कर को बैन किया तो उसने अपना नया संगठन बना लिया जिसका नाम जमात-उद -दावा रखा। हाफिज को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा 2008 में आतंकी संगठन घोषित किया गया था। मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान ने दिखावे की कार्रवाई करते हुए हाफिज को 6 महीने तक नजरबंद भी रखा।

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान ने हाफिज के खिलाफ की थी कथित कार्रवाई
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों के खिलाफ जब कार्रवाई करने का वैश्वकि दवाब बढ़ा तो उसके हाफिज के कई संगठनों को बैन कर दिया और बाद में हाफिज को जेल में डाल दिया। लेकिन अब कोर्ट द्वारा हाफिज को जमानत मिलना दिखाता है कि पाकिस्तान ने किस कदर दिखावे की कार्रवाई थी। अगर पाकिस्तान सही पैरवी करता तो शायद आतंक के इस आका को जमानत नहीं मिल पाती।

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