कर्नाटक संकट: बागी विधायकों को मनाने में जुटी कांग्रेस-जेडीएस, बीजेपी चाहती है सोमवार को हो फ्लोर टेस्ट

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी सोमवार को राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पारित करे और यह साबित करे कि उनकी अस्थिर गठबंधन सरकार के पास बहुमत है। विपक्षी बीजेपी नेता बीएस युदियुरप्पा ने कहा कि चूंकि कुमारस्वामी ने खुद विश्वास मत पेशकश करने का प्रस्ताव दिया था और जब तक बहुमत साबित नहीं होगा तब तक विधानसभा में कोई भी काम नहीं हो सकता है। उन्हें विधानसभा स्पीकर से अनुरोध करना चाहिए सोमवार से सत्र को शुरू करने की अनुमित दें।

गौर हो कि कुमारस्वामी ने घोषणा की थी कि वह सदन में विश्वास मत कराएंगे, जिसके बाद सत्तारूढ़ गठबंधन ने बागी विधायकों को मनाने की कोशिशें तेज कर दी। दूसरी उनकी मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। पांच और विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। 

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि मुझे अपने सभी विधायकों पर भरोसा है। वे कांग्रेस पार्टी से चुने गए हैं और वे लंबे समय से वहां हैं। वे अपने डोमेन में बाघों की तरह लड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे कानून से भी अच्छी तरह से परिचित हैं। कानून बहुत स्पष्ट है। अगर वे विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करते हैं, तो वे अपनी सदस्यता खो देंगे। कांग्रेस पार्टी उनकी मांगों को निपटाने के लिए तैयार है। हमें संकेत मिल रहे हैं कि वे हमारे सरकार को बचा लेंगे।

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 5 और बागी विधायकों ने उनके इस्तीफे स्वीकार करने से विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार के इनकार के खिलाफ शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। ये 5 विधायक आनंद सिंह, के. सुधाकर, एन. नागराज, मुनिरत्न और रोशन बेग हैं। पहले से ही पेंडिंग 10 अन्य बागी विधायकों की याचिका में उन्हें भी शामिल कर लिया जाए। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। कर्नाटक में गठबंधन सरकार के 16 विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से 13 विधायक कांग्रेस के और तीन जेडीएस के हैं। 

कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार में विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जेडीएस के 37 और बीएसपी के 1) हैं। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या अब 107 है। अगर गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की संख्या घट कर 100 (65+34+1) रह जाएगी।

शनिवार का पूरा घटना क्रम….
पूरे दिन चली बातचीत में कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डी के शिवकुमार, डिप्टी सीएम जी परमेश्वर, सीएलपी नेता सिद्धरमैया और कुमारस्वामी शामिल थे। बातचीत के बाद ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपने एक बागी विधायक एमटीबी नागराज को मनाने में सफल रही है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार कर सकते हैं लेकिन देर शाम तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई।

राज्य के आवास मंत्री एमटीबी नागराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने को कहा। नागराज होसकोट से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।  नागराज ने 10 जुलाई को इस्तीफ दिया था। कंग्रेस नेताओं ने उनसे बात करके इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था लेकिन पूरे दिन बातचीत के बाद भी नागराज की मंशा सपष्ट नहीं हुई। 

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