करतारपुर कॉरिडोर: वाघा बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान के बीच हो रही है बैठक, कई मुद्दों पर बन सकती है बात

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भारतीय टीम करतारपुर कॉरिडोर और उससे जुड़े टेक्निकल मुद्दों के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ आज (रविवार) वाघा सीमा पार पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत कर रही है। सूत्रों के मुताबिक  20 से अधिक पाकिस्तानी अधिकारी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, जिसकी अध्यक्षता पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारतीय प्रतिनिधिमंडल को एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन देगा। 

भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि भारत पाकिस्तान के साथ आगामी बातचीत में बुनियादी ढांचे, तीर्थयात्रियों के आवागमन और सुरक्षा सहित कई प्रमुख मुद्दों को उठाएगा। चर्चा में उठाए जाने वाले मुख्य बिंदुओं में से एक क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा पुल के निर्माण की भारत की मांग होगी। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सड़क निर्माण की वजह से डेरा बाबा नानक में संभावित बाढ़ को लेकर भी चिंता जताई है।

सभी मौसम में करतारपुर पहुंचने के लिए भारत कर रहा है पूल का निर्माण
हालांकि भारत पहले से ही करतारपुर कॉरिडोर के लिए सभी मौसम की कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए अपनी तरफ से एक पुल का निर्माण कर रहा है, पाकिस्तान से भी अपनी तरफ से इसी तरह का पुल बनाने का आग्रह किया है क्योंकि यह तीर्थयात्रियों को सकुशल और सुरक्षित आवागमन प्रदान करेगा। अन्य प्रमुख मुद्दों में तीर्थयात्रियों की संख्या होगी जो पूरे वर्ष तीर्थयात्रियों के गलियारे, सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही तक पहुंचने की अनुमति देंगे, चाहे वे अकेले या ग्रुपों में यात्रा करेंगे और चाहे वे ट्रांसपोर्ट या पैदल यात्रा करे।

तीर्थयात्रियों के लिए होगी हाईटेक सुरक्षा, भारत करेगा 500 करोड़ रुपए खर्च
इससे पहले, दोनों देशों को दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान में 2 अप्रैल को मिलने की उम्मीद थी, जो कॉरिडोर से जुड़ी एक कमिटी में पाकिस्तान द्वारा ‘विवादास्पद एलिमेंट’ की नियुक्ति के बारे में रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थगित कर दिया गया था। भारत कॉरिडोर के निर्माण में 500 करोड़ रुपए खर्च करेगा। स्पेशल अवसरों पर 10,000 तीर्थयात्रियों और हर दिन 5000 तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाईटेक सुरक्षा और निगरानी सिस्टम स्थापित किया जाएगा। हर मौसम में जाने की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। बातचीत से एक दिन पहले पाकिस्तान ने अपनी सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (PSGPC) सूची को पुनर्गठित किया, जिससे खालिस्तानी नेता गोपाल सिंह चावला को सूची से हटा दिया गया था, क्योंकि भारत ने आपत्ति जताई थी।

गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती से पहले होगा कॉरिडोर का काम पूरा!
भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ करतारपुर मार्ग पंजाब में गुरदासपुर से तीन किलोमीटर दूर है। एक बार यह रास्ता खोलने के बाद, सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान के करतारपुर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधे पहुंचने में मदद करेगा। जहां गुरु नानक देव की मृत्यु 1539 में हुई थी। सूत्रों ने बताया कि गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती से पहले कॉरिडोर का काम 31 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिर से चुने जाने के बाद कॉरिडोर पर दूसरे दौर की वार्ता की घोषणा की गई। पहला दौर की वार्ता 14 मार्च को अटारी-वाघा सीमा के पास भारत की तरफ हुई थी, इस दौरान दोनों देशों के बीच समझौते के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

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