नोटा को हराकर रितेश देशमुख के भाई ने रचा इतिहास

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चुनावों में यूं तो लोग नोटा को बहुत अधिक महत्व नहीं देते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के चुनाव में नोटा उपविजेता साबित हुआ है। महाराष्ट्र की लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख के भाई धीरज देशमुख इस बार चुनावी मैदान में थे। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव में उनका मुकाबला किसी राजनीतिक दल या अन्य निर्दलीय उम्मीदवार से नहीं था, बल्कि नोटा बतौर प्रतिद्वंदी उनके सबसे करीब रहा। चुनाव में धीरज देशमुख ने जीत दर्ज करने के साथ एक रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है।

बड़े अंतर से जीते

दरअसल धीरज देशमुख ने लातूर की ग्रामीण सीट से इस चुनाव में जीत दर्ज की और कुल 133161 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने तमाम प्रतिद्वंदियों को काफी पीछे छोड़ दिया। धीरज का मुख्य रूप से शिवसेना के सचिन उर्फ रवि रामराजे देशमुख से था। लेकिन चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद हर कोई चौंक गया। यहां शिवसेना के उम्मीदवार को सिर्फ 13335 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई। जबकि दूसरे नंबर इस सीट पर नोटा रहा, जिसे कुल 27287 वोट मिले। ऐसे में लातूर की ग्रामीण सीट पर नोटा उपविजेता साबित हुआ है।

पहली बार नोटा बना उपविजेता

देश में यह अपने आप में पहला मौका है जब किसी उम्मीदवार ने नोटा को चुनाव में हराया हो या यूं कह लें कि नोटा दूसरे पायदान पर रहा हो। लातूर ग्रामीण की सीट से वंचित बहुजन अगाड़ी पार्टी के उम्मीदवार को 12755 वोट मिले थे और वह चौथे पायदान पर रहे। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों में से भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है।

रितेश हुए भावुक

अपने भाई की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए रितेश देशमुख भावुक हो गए। उन्होंने ट्वीट करके खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि हमने कर दिखाया पापा, अमित देशमुख लातूर से तीसरी बार चुनाव जीत गए। इसके साथ ही रितेश ने लातूर के तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनपर भरोसा और विश्वास दिखाया। बता दें कि रितेश तीन बार से विधायक हैं।

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