जमात-ए-इस्लामी संगठन के बैन के खिलाफ सडक़ पर उतरीं महबूबा मुफ्ती

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श्रीनगर : पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान में वार.पलटवार के बीच अब इमरान सरकार ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को रिहा कर दिया है। अभिनंदन के भारत आने के बाद दोनों देशों के बीच जारी तनाव में कमी महसूस की जा रही है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरहद पर चले इस संघर्ष को ड्रामा करार दिया है। इस दौरान पी.डी.पी. नेता महबूबा मुफ्ती राज्य के कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी संगठन पर लगाए गए बैन के खिलाफ  सडक़ पर उतर आई हैं। वह पीडीपी वर्कर के साथ मिलकर केंद्र सरकार द्वारा संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ  प्रदर्शन कर रही हैं।

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पी.डी.पी. सुप्रीमो और पूर्व सी.एम. महबूबा पुलवामा हमले के बाद से लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अनुच्छेद 35-ए पर वो बेहद सख्त टिप्पणी कर चुकी हैं और जमात.ए.इस्लामी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध कर रही हैं। अब उन्होंने कहा है कि भारत और पाकिस्तान ने सीमा पर अपना ड्रामा कर लिया है और कश्मीर की अवाम इसकी पीड़ित है। इससे पहले जमात-ए-इस्लामी कश्मीर के नेताओं और अलगाववादी नेताओं पर एक्शन का भी महबूबा मुफ्ती विरोध कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि इस तरह के मनमाने कदम को समझ नहीं पा रही हूं, जिससे केवल मामला उलझेगा।

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महबूबा ने कहा था कि आप एक व्यक्ति को जेल में डाल सकते हो लेकिन उसके विचारों को नहीं। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने इससे पहले ट्वीट किया था कि लोकतंत्र विचारों का संघर्ष होता है, ऐसे में जमात-ए-इस्लामी (जेके) पर पाबंदी लगाने की दमनात्मक कार्रवाई निंदनीय है और यह जम्मू कश्मीर के राजनीतिक मुद्दे से अक्खड़ और धौंस से निपटने की भारत सरकार की पहल का एक अन्य उदाहरण है।  उन्होंने कहा कि जमात-ए-इस्लामी से भारत की सरकार इतनी असुविधाजनक नहीं है। कश्मीरियों के लिए अथक परिश्रम करने वाले एक संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्या अब बीजेपी विरोधी राष्ट्र विरोधी हो रहा है।

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