हरियाणा में कांग्रेस के साथ गठबंधन पर मायावती के खासमखास सतीश मिश्रा ने दिया ये बयान

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हरियाणा में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां रोहतक की अपनी रैली के जरिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है, तो वहीं कांग्रेस भी प्रदेश की सत्ता में वापसी को लेकर तैयारियों में जुट गई है। कांग्रस ने हाल ही में संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए पार्टी की दिग्गज नेता कुमारी शैलजा को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आई कि हरियाणा के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन हो सकता है। गठबंधन की खबरों को लेकर अब बीएसपी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद सतीश चंद मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है।

गठबंधन पर सतीश चंद मिश्रा ने क्या कहा

हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन की खबरों पर सतीश चंद मिश्रा ने कहा, ‘बहुजन समाज पार्टी आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों में सभी 90 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। हमारा कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं होगा।’ आपको बता दें कि सोमवार सुबह सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबले के लिए कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें और इस साल के अंत में प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने हैं। फिलहाल हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।

हुड्डा और मायावती की मुलाकात को लेकर थी खबर खबर यह भी थी कि हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने बीते रविवार की रात को बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बीएसपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि दो दिन पहले ही मायावती ने ऐलान किया था कि वो हरियाणा में बिना किसी गठबंधन के विधानसभा की सभी 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगी। इससे पहले मायावती ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ गठबंधन की घोषणा की थी। हालांकि, गठबंधन बरकरार नहीं रह सका और राज्य के विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले ही दोनों दलों ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया।

मायावती भी कर चुकी हैं अकेले लड़ने का ऐलान गठबंधन समाप्ति की घोषणा करते हुए, मायावती ने कहा था कि बसपा हरियाणा विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। दरअसल सीटों के बंटवारे पर सहमति ना बनने के बाद बसपा और जेजेपी ने अलग होने का निर्णय लिया। हालांकि दुष्यंत चौटाला ने दावा किया था कि उन्होंने बसपा को 40 सीटों की पेशकश की थी, लेकिन मायावती इसपर सहमत नहीं हुईं। वहीं, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोहतक रैली के बाद हरियाणा का सियासी पारा भी चढ़ गया है। अपनी रैली में पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी 10 सीटों पर जीत के लिए प्रदेश के लोगों को धन्यवाद भी दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस रैली में कहा कि इस बार, मैं आप लोगों के पास और ज्यादा समर्थन मांगने के लिए आया हूं और रोहतक ने हमेशा मुझे उससे ज्यादा ही दिया है, जितना मैंने मांगा है।

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