विराट कोहली के बेड़े में शामिल हैं ‘रफाल’ जैसे ये खतरनाक हथियार, ऑस्ट्रेलिया हो या इंग्लैंड.. सहम जाते हैं बल्लेबाज

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विराट का अचूक हथियार, विरोधी टीमों का सबसे बड़ा काल
एक वक्त था जब टेस्ट हो या वनडे मैदान में भारतीय बल्लेबाज़ों की तूती बोला करती थी.बल्लेबाज़ी का हर रिकॉर्ड भारतीय खिलाड़ियों के नाम पर जुड़ा रहता था, लेकिन वक्त के साथ-साथ भारतीय बल्लेबाज़ी की धार तो और तेज हो गई लेकिन भारतीय गेंदबाज़ी में भी पैनापन आ गया. इसका जीता जागता सबूत है साल 2019 में भारतीय गेंदबाज़ों का धमाकेदार प्रदर्शन जहां टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने व्हाइट जर्सी में कमाल ही कर दिया.टीम इंडिया लगातार 7 टेस्ट मैच जीत चुकी है और कहना गलत नहीं होगा कि इसमें भारतीय गेंदबाज़ों खासकर पेस बैटरी का योगदान सबसे अहम है.

साल 2019 में पेस बैटरी का दम
इस साल अब तक खेले टेस्ट की बात की जाए तो भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन सबसे बेस्ट है. उमेश यादव ने जहां इस साल खेले 4 टेस्ट में 13.65 की शानदार औसत के साथ 23 विकेट झटके हैं तो वहीं ईशांत शर्मा ने 6 टेस्ट में 15.56 की बेहतरीन औसत के साथ 25 विकेट अपने नाम किए हैं इसके अलावा मोहम्मद शमी के खाते में 8 टेस्ट मैच में 33 विकेट है जो शमी ने 16.66 की औसत से चटकाए हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि भारतीय इतिहास में कि तीन भारतीय गेंदबाज़ों ने 20 विकेट चटकाने के साथ-साथ 20 से कम औसत से रन दिए हैं जो एक भारतीय रिकॉर्ड है. साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरज़मी में रौंदने के बाद से भारतीय गेंदबाज़ विरोधी टीमों के बल्लेबाज़ों के लिए काल बने हुए हैं, आइए देखते हैं आखिर कैसे भारतीय गेंदबाज़ की आग उगलती गेंदों के सामने विरोधी बल्लेबाज़ कांप रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पेसर्स की दहाड़
टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में इस साल ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज़ में उसी की सरज़मी में धूल चटा कर इतिहास रचा था.भारतीय तेज गेंदबाज़ों ने इस दौरे में ऑस्ट्रेलिया के गिरे 70 में से 50 विकेट अपनी झोली में डाले थे जिसकी बदौलत भारत ने 4 टेस्ट मैचों की सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम किया.

विंडीज़ दौरे में दिखाया था दम
ऑस्ट्रेलिया के बाद टीम इंडिया का सामना वेस्टइंडीज़ से हुआ जहां एक बार फिर विराट के वीरों ने दमखम दिखाते हुए ना सिर्फ विंडीज़ टीम को रौंदा बल्कि सीरीज़ में कैरिबियाई टीम का सूपड़ा ही साफ कर दिया. इस सीरीज़ के 2 टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाज़ों ने विंडीज़ के गिरे 40 में से 33 विकेट अपनी झोली में डाले.

प्रोटियाज पर पेसर्स पड़े भारी
विंडीज़ के बाद टीम इंडिया को अपने ही घर में साउथ अफ्रीका से खेलना था.साउथ अफ्रीकी टीम विंडीज़ के मुकाबले मजबूत थी लेकिन टीम इंडिया के गेंदबाज़ों खासकर पेसर्स ने अपनी तेजी और स्विंग से अफ्रीकी खेमे में खलबली ही मचा दी और पूरी टेस्ट सीरीज़ में 29 बल्लेबाज़ों को अपना शिकार बनाया जिसकी बदौलत भारत 3-0 से टेस्ट सीरीज़ में कामयाबी हासिल की.

बांग्लादेश पर दिखा रफ्तार का दम
साउथ अफ्रीका को हराने के बाद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज़ जोश से भरे हुए थे और बांग्लादेश के ख़िलाफ 2 टेस्ट मैच की सीरीज़ में टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने पुरानी लय को बरकरार रखते हुए बांग्लादेश को 2-0 से हराकर एक बार फिर से धमाकेदार गेंदबाज़ी की.ये दोनों मैच भारत ने पारी के अंतर से जीते.इस सीरीज़ में भी भारतीय तेज गेंदबाज़ों का ही जलवा रहा और भारतीय गेंदबाज़ों ने पूरी सीरीज़ में अपनी रफ्तार के दम पर बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों को घुकने के बल ला दिया. बांग्लादेश के ख़िलाफ टेस्ट सीरीज़ में भारतीय तेज गेंदबाज़ों ने 40 में से 33 विकेट अपने नाम किए. भारत में खेले गए पहले पिंक बॉल टेस्ट में तो भारतीय पेसर्स ने 20 के 20 विकेट अपनी झोली में डाले और दिखा दिया कि वो सिर्फ व्हाइट बॉल ही नहीं बल्कि पिंक बॉल के उस्ताद है.

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