Weather: एमपी, राजस्‍थान, गुजरात पर अगले 48 घंटे बेहद भारी, इन राज्‍यों में भी Alert

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मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और गुजरात के कुछ हिस्‍सों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी गुजरने वाले हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि सेंट्रल मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान के कुछ इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जिससे इन इलाकों में भारी से ज्‍यादा भारी बारिश की संभावना है। वेदर एजेंसी स्‍काई मेट के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और इससे सटे भागों के ऊपर भी बना है। हालांकि, यह बहुत प्रभावी नहीं है। इसके अलावा दक्षिणी गुजरात और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है जो भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

स्‍काई मेट की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि मॉनसून की अक्षीय रेखा राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है जो मौजूदा वक्‍त में श्रीगंगानगर, अलवर, सतना, अंबिकापुर, उत्तरी ओडिशा से होकर गुजर रही है। यही नहीं बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी उत्‍तर उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश, इससे सटे पूर्वी गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र में कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तरी केरल, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मूसलाधार बारिश हो सकती है।

स्‍काई मेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की या मध्‍यम बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में हल्‍की बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, तमिलनाडु, उत्तरी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी हल्की बारिश हो सकती है। एजेंसी की ओर से जारी बुलेटिन की मानें तो पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, पाकिस्‍तान से छोड़ा गया पानी पंजाब के कुछ इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

मौसम विभाग ने झारखंड, ओडिशा, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, सौराष्‍ट्र और कच्‍छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्‍यक्‍त किया है। इसके अलावा बिहार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, लक्षद्वीप, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश होगी। उत्‍तर पश्चिमी अरब सागर, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान के समुद्री इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। इसलिए इन इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।  

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