ग्रीन बोतल ; समुद्री वेस्ट से कोका-कोला ने बनाया पहला रीसाइकल्ड बोतल

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वॉशिंगटन। कोका-कोला ने समुद्र से निकाले गए प्लास्टिक के कचरे की रीसाइकिलिंग करके पहली बोतल बनाने का दावा किया है। शुरुआत में ऐसी 300 बोतलों का पहला बैच तैयार किया गया है, जो धरती को प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करने के ग्रीन इनीशिएटिव को और आगे बढ़ाएगा। इसके लिए स्वयंसेवकों ने स्पेन और पुर्तगाल के 84 समुद्र तटों से प्लास्टिक कचरा जमा किया था। इसके बाद ‘इनहैन्स्ड रीसाइक्लिंग’ के जरिये इन बोतलों को बनाया गया। यह एक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें निम्न-श्रेणी की प्लास्टिक को अशुद्धियों को दूर किया जाता है और फिर उसे भोजन और पेय पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल करने योग्य बनाती है

।प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग करने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। दरअसल, लोगों की जागरुकता की वजह से दुनिया के महासागरों के लिए खतरा बन रही इस समस्या का हल तलाशा जा रहा है। समुद्र से निकाले गए प्लास्टिक के मलबे के एक चौथाई हिस्से से कोका-कोला ने 300 बोतलों का शुरुआती बैच तैयार किया है। मगर, कंपनी का कहना है कि वह चाहती है कि उसके सभी उत्पादों को री-साइकिल्ड (पुनर्नवीनीकरण) या रिनेवेबल (नवीकरणीय) सामग्री से बनी पैकेजिंग में बेचा जाए।

कंपनी का दावा है कि उसका मकसद हर साल दो लाख टन नई प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकना है। कंपनी ने कहा कि हमें पता है कि इसे सही करने के लिए हमें काफी कुछ करना होगा। पैकेजिंग में प्लास्टिक की अहम भूमिका है, लेकिन इसे हमेशा जमा करना होगा, रीसाइकिल करना होगा और फिर से इस्तेमाल करना होगा। कोका-कोला ने कहा कि उसे उम्मीद है कि अगले साल तक उसके उपभोक्ताओं को इन्हैन्स्ड रीसाइकिलिंग टेक्नोलॉजी से बनी हुई प्लास्टिक की बोतलें बाजार में दिखनी शुरू हो जाएंगी।

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