19 साल की जाह्नवी डांगेती बनीं सबसे कम उम्र की एनालॉग एस्ट्रोनॉट, जानें कैसे पाई ये सफलता

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भारत की बेटियों ने विश्‍व पटल पर अपने देश का गौरान्वित किया है। उन्‍होंने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराकर साबित कर दिया है कि हम भारतीय लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। एक बार फिर ऐसा ही कारनामा भारत की एक और बेटी ने कर दिखाया है जिसकी चर्चा पूरे विश्‍व में हो रही है। ये भारत के आंध्र प्रदेश की बेटी जाह्ववी डांगेती है, जो महज 19 साल की में सबसे कम उम्र की एनालॉग एस्ट्रोनॉट बन चुकी हैं।

दुनिया के मात्र 6 लोगों को चुना गया जिसमें जान्‍ह्वी हैं शामिल

19 वर्षीय जाह्नवी डांगेती ने दक्षिण पोलैंड के क्राको में एनालॉग अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र (एएटीसी) से एनालॉग अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम को पूरा करने के लिए सबसे कम उम्र में इतिहास रचा है। अहनवी डांगेती एएटीसी प्रोग्राम के लिए दुनिया भर से चुने गए छह लोगों में से एक हैं। यानी इसके लिए दुनिया के मात्र 6 लोगों को चुना गया है जिसमें भारत की अहनवी डांगेती एक हैं।

आंध्र प्रदेश के पलाकोल्‍लूू की मूल निवासी हैं जाह्नवी

आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के पलाकोल्लू की मूल निवासी जाह्नवी ने एएटीसी में दो सप्ताह का ट्रेनिंग प्रोग्राम जो 14 से 25 जून तक आयोजित किया गया था उसे पूरा कर लिया है, जो अंतरिक्ष उड़ान वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए यूरोपीय अंतरिक्ष प्रोफेशनल द्वारा स्थापित एक निजी एजेंसी है।

जाह्नवी ने IASP को 2021 में पूरा किया

एएटीसी ने तीन महिलाओं सहित दुनिया भर से छह लोगों को उनकी पिछली उपलब्धियों और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के साथ उनका लगाव और जुड़ाव के आधार पर कार्यक्रम के लिए चुना है। 2021 में जाह्नवी ने यू.एस. में कैनेडी स्पेस सेंटर में नासा के अंतर्राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष कार्यक्रम (IASP) को पूरा किया था।

जान्‍ह्वी ने ली ये ट्रेनिंग

जान्‍ह्वी ने बताया कार्यक्रम चंद्र सिमुलेशन का एक आर्टीफिशियल वातावारण (artificial environment of lunar simulation) प्रदान करता है, जिसमें नए अंतरिक्ष यात्रियों को शारीरिक और मानसिक स्थिरता और क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए निर्धारित अवधि बिताने के लिए तैनात किया जाता है । एएटीसी ने अब तक एनालॉग अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम के तहत 45 बैचों को प्रशिक्षित किया है और जाह्नवी अब तक प्रशिक्षित होने वाली सबसे कम उम्र की हैं।

जाह्नवी पंजाब में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कर रही

जाह्नवी ने मीडिया को दिए अपने इंटरव्‍यू में बताया एनालॉग अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम में, मैं खगोल जीवविज्ञानी था और 11 दिनों के लिए चंद्र सिमुलेशन पर ट्रेन्‍ड थी। किए गए एक्‍सपेरिमेंट में उच्च विकिरण स्वभाव और उच्च सौर विकिरण से निपटने के लिए चुनौतियों का सामना करना शामिल था। जाह्नवी पंजाब में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कर रही हैं। उन्‍होंने कहा मैं अगली भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने का प्रयास कर रही हूं और अंतरिक्ष विज्ञान और मिशन में यात्रा के दौरान खुद को हर योग्यता और प्रोफेशनल स्किल से स्‍वयं को लैस कर रही हूं।

एनालॉग अंतरिक्ष यात्री कौन होते हैं ?

एनालॉग अंतरिक्ष यात्री एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसने एक नकली चालक दल के मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाने का निर्णय लिया इस ट्रेनिंग और एनवॉयरमेंट के आधार पर एनालॉग अंतरिक्ष यात्री के लिए कैंडीडेट के लिए एक अलग आवश्यकता लागू की जा सकती है।

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