अमेरिका ने भारत को एशिया के कई देशों को कोविड-19 टीके की आपूर्ति करने के लिए सराहा

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अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन ने दक्षिण एशिया के कई देशों को कोविड-19 टीके की आपूर्ति करने के लिए भारत की सराहना की है और भारत को ”एक सच्चा दोस्त’ बताया है जो वैश्विक समुदाय की मदद के लिए अपने फार्मास्युटिकल क्षेत्र का उपयोग कर रहा है।

अमेरिका के विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के ब्यूरो की ओर से ट्वीट किया गया, ”हम वैश्विक स्वास्थ्य में भारत की भूमिका की सराहना करते हैं जिसने दक्षिण एशिया में कोविड-19 टीके की लाखों खुराक साझा की हैं। भारत की ओर से टीके की मुफ्त खेप की आपूर्ति मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल के साथ शुरू हुई और यह दूसरों के लिए भी विस्तारित होगी।

भारत एक सच्चा मित्र है जो वैश्विक समुदाय की मदद के लिए अपने फार्मास्युटिकल क्षेत्र का उपयोग कर रहा है।”
नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और मालदीव को भारत ने अपनी ”पड़ोसी पहले नीति” के तहत अनुदान सहायता के तौर पर कोविड-19 टीका भेजा है। भारत कोरोना वायरस टीकाकरण का अभियान पहले ही बड़े पैमाने पर शुरू कर चुका है, जिसके तहत देश भर में दो टीके- कोविशील्ड और कोवैक्सीन अग्रिम मोर्चे पर लगे कर्मियों को दिए जा रहे हैं। भारत ने भूटान को कोविशील्ड टीके की 150,000 खुराक और मालदीव को 100,000 खुराकें भेजी हैं, जबकि बांग्लादेश को कोविड-19 टीकों की 20 लाख से अधिक खुराक और नेपाल को 10 लाख खुराक भेजी गई है।

कोरोना वैक्सीन के लिए भारत पर टिकी दुनिया के कई देशों की उम्मीद

दुनिया के कई देश कोरोना वायरस (कोविड-19) का वैक्सीन प्राप्त करने के लिए भारत से उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसके पीछे कारण यह है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादन केन्द्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात की घोषणा पहले ही कर दी थी कि संकट के इस समय में देश की वैक्सीन उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए किया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने शुक्रवार को बताया कि भारत अपने पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सहायता के तौर पर कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करा रहा है। भारत ने इस अभियान की शुरुआत 20 जनवरी को ही कर दी थी जिसके तहत पहले दिन भूटान को कोरोना वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक, जबकि मालदीव को एक लाख खुराक उपलब्ध कराई गईं थी।

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