अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को शर्मनाक झटका, भाई हशमत गनी हुए तालिबान में शामिल

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अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत गनी अहमदजई ने कथित तौर पर तालिबान को समर्थन देने की घोषणा की है। अफगानिस्तान से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के साथ मीटिंग के बाद अशरफ गनी तालिबान में शामिल हो गये हैं और तालिबान में शामिल होने का बकायदा एक वीडियो भी वायरल हो गया है। माना जा रहा है कि भाई का तालिबान को समर्थन कर देना अशरफ गनी के लिए बहुत बड़ा झटका है।

तालिबान में शामिल अशरफ गनी के भाई

अफगानिस्तान से आ रही रिपोर्टों के मुतबाकि, ग्रैंड काउंसिल ऑफ कुचिस के प्रमुख और अफगानिस्तान से फरार हो चुके राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत गनी ने तालिबान के समर्थन की घोषणा कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, हशमत गनी अहमदजई ने तालिबान नेता खलील-उर-रहमान और मुस्लिम विद्वान मुफ्ती महमूद जाकिर की उपस्थिति में तालिबान के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। आपको बता दें कि, तालिबान द्वारा रविवार को राजधानी काबुल को घेरने के बाद अशरफ गनी (72) अपने परिवार के साथ अफगानिस्तान से भाग गये थे।

अफगानिस्तान से फरार अशरफ गनी

संयुक्त अरब अमीरात से एक वीडियो संदेश जारी करते हुए अशरफ गनी ने कहा कि वह ‘रक्तपात से बचने’ के लिए काबुल से भाग गए, जबकि उन्होंने इस दावे से इनकार किया कि उन्होंने ‘नकदी से भरी कारों’ के साथ अफगानिस्तान छोड़ा था। सभी आरोपों को खारिज करते हुए अशरफ गनी ने कहा कि, “अफवाहें हैं कि मैंने बहुत सारे पैसे लिए हैं, जो पूरी तरह से निराधार हैं। वे झूठ हैं। आप इसे संयुक्त अरब अमीरात के सीमा शुल्क से सत्यापित कर सकते हैं। मेरे पास अपने जूते बदलने का भी समय नहीं था। अगर मैं अफगानिस्तान में रूकता तो तालिबान मेरी हत्या उसी तरह से कर सकता था, जिस तरह से पूर्व राष्ट्रपति को मारकर फांसी से लटकाया गया था।”

अलग थलग पड़े अशरफ गनी

भाई हशमत गनी के तालिबान ज्वाइन करने के बाद अशरफ गनी पूरी तरह से अलग-थलग हो चुके हैं। पूर्व उप-राष्ट्रपति सालेह पहले ही अशरफ गनी को अफगानिस्तान से भागने के लिए भगोड़ा कह चुके हैं और उन्होंने अफगानिस्तान के संविधान का हवाला देकर खुद को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर लिया है, वहीं अब भाई के तालिबान ज्वाइन करना अशरफ गनी के लिए बेहद शर्मनाक बात है। रूसी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया हुआ है कि अशरफ गनी अफगानिस्तान से करीब 12 अरब 57 करोड़ रुपये लेकर फरार हुए थे, जिसे अशरफ गनी ने ठुकरा दिया था। वहीं, अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट ने दावा किया कि अशरफ गनी की बेटी न्यूयॉर्क में आलीशान जिंदगी बिता रही है। ऐसे में अशरफ गनी विरोधियों के निशाने पर आ गये हैं।

सरकार बनाने की तैयारी

इन सबके बीच तालिबान का लक्ष्य अगले कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में नई सरकार का निर्माण करना है, उसके लिए तालिबान लगातार अंतर्राष्ट्रीय समर्थन की तलाश कर रहा है। वहीं, तालिबान ने अफगानिस्तान को इस्लामिक अमीरात भी घोषित कर दिया है। तालिबान के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि, “तालिबान के कानूनी, धार्मिक और विदेश नीति के विशेषज्ञों का लक्ष्य अगले कुछ हफ्तों में नया शासन ढांचा पेश करना है।” वहीं, समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला बरादर ने काबुल में अफगानिस्तान में अगली सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान का अगला राष्ट्रपति मुल्ला बरादर हो सकता है।

”बदमाश आदमी है अशरफ गनी”

वहीं, मंगलवार रात फॉक्स न्यूज को एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अशरफ गनी को अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर जमकर निशाना साधा है और उन्हें एक तरह से इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि उन्हें अशरफ गनी के ऊपर कभी विश्वास नहीं था। उन्होंने कहा कि ”मेरा मानना है कि वो (अशरफ गनी) साफ तौर पर एक बदमाश आदमी है। उन्होंने अपना सारा ध्यान हमारे सीनेटरों के साथ खाना खाने और उन्हें अपने पाले में करने की कोशिश करते हुए बिताया”। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ”हमारे सीनेटर हमेशा अशरफ गनी के पॉकेट में रहते थे’

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