CBSE ऑफिस के बाहर 12वीं प्राइवेट के छात्रों ने किया प्रदर्शन, कहा- रेगुलर छात्रों की तरह मिले प्रमोशन

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कोरोना महामारी के कारण इस साल अधिकतर बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी थी. हालांकि प्राइवेट के छात्रों की परीक्षाएं रद्द नहीं हुई थी. सीबीएसई ने बुधवार को 12वीं के प्राइवेट/पत्राचार और सेकंड कंपार्टमेंट के छात्रों के लिए परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी. सीबीएसई 12वीं प्राइवेट/पत्राचार और सेकंड कंपार्टमेंट के करीब 1 लाख छात्र परीक्षाओं का विरोध कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि रेगुलर के छात्रों और उनके बीच अंतर नहीं होना चाहिए, उन्हें भी प्रमोट किया जाना चाहिए. छात्र पिछले कई दिनों से ट्विटर पर कैंपेन चला रहे हैं. इस मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भी लिखा जा चुका है.

मंगलवार को छात्रों ने अपने आंदोलन को तेज कर दिया. छात्रों ने एक तरफ सीबीएसई के ऑफिस के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया. वहीं, दूसरी और उन्होंने हैशटैग #WakeupCBSE ट्रेंड करवाया. छात्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए धरना दिया और अपनी बात सीबीएसई तक पहुंचाने का प्रयास किया.

क्या है पूरा मामला?

प्राइवेट/पत्राचार और सेकंड कंपार्टमेंट के छात्रों का कहना है कि जब रेगुलर की परीक्षाएं रद्द हुई थी, तो उन्होंने सीबीएसई को मेल किया था, कि क्या प्राइवेट की परीक्षाएं रद्द हुई है या नहीं, इस पर छात्रों को मेल में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भरद्ववाज से यह जवाब मिलता है कि सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई है. बाद में सीबीएसई ने 12वीं के लिए मूल्यांकन नीति जारी की तो उसके सर्कुलर में यह दिया गया कि प्राइवेट/पत्राचार और सेकंड कंपार्टमेंट के छात्रों की परीक्षा कोरोना महामारी की स्थिति में सुधार होने के बाद कराई जाएगी. इस सर्कुलर के बाद से ही छात्रों का विरोध शुरू हुआ.

क्या हैं छात्रों की मुख्या समस्याएं?

एक छात्र ने बताया, ”जहां एक ओर रेगुलर छात्र कंपटीशन और उच्च शिक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं, वहीं प्राइवेट के विद्यार्थी इस चिंता में डूबे हुए हैं कि उनके भविष्य का क्या होगा. बहुत सारे प्रवेश परीक्षाएं जैसे NEET-UG, CLAT, JEE-Mains अगले आने वाले दिनों में प्रस्तावित है. कुछ तो जैसे NEET-UG 12 सितंबर को आयोजित होनी है. अब ये छात्र प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें या बोर्ड एग्जाम की. यहां पर ऐसे भी बहुत से छात्र हैं जो कि विदेशों में पढ़ाई करने के लिए नामांकन कर चुके हैं और उनको 15 अगस्त या उसके पहले ही अपने दस्तावेज के साथ उपस्थिति दर्ज करानी है, पर उन छात्रों का परीक्षा फल के अभाव में वो नामांकन से वंचित हो सकते हैं. छात्र वहां पर भारी फीस भी जमा कर चुके हैं, यह एक बहुत गंभीर मुद्दा है. छात्रों के हित में सरकार को जल्द से जल्द प्राइवेट/कंपार्टमेंट/पत्राचार के छात्रों की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लेना चाहिए.”

छात्रों का कहना है कि पहले तो उन्हें प्राइवेट परीक्षाओं को लेकर साफ जानकारी नहीं दी गई कि ये होगी या नहीं, बाद में बताया गया कि परीक्षा होगी. दूसरा परीक्षाएं इतनी देर से हो रही है कि उन्हें एडमिशन लेने में परेशानी हो सकती है. वहीं, कई छात्रों ने विदेश में एडमिशन की फीस जमा कर दी है, लेकिन यहां उनकी 12वीं की परीक्षा ही नहीं हो सकी है, रिजल्ट तो अभी दूर है, ऐसे में उनके एडमिशन रद्द होने का खतरा भी है.

सीबीएसई का क्या कहना है?

बुधवार को परीक्षा की तारीखें जारी कर दी गई. सीबीएसई ने कहा कि 12वीं प्राइवेट/कंपार्टमेंट/पत्राचार के छात्रों के लिए परीक्षाओं का आयोजन 16 अगस्त 2021 से 15 सितंबर 2021 तक किया जाएगा. सीबीएसई ने कहा कि इन छात्रों का रिजल्ट मूल्यांकन नीति के तहत तैयार नहीं हो सकता क्योंकि बोर्ड या स्कूल के पास पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं है. सीबीएसई ने कहा कि प्राइवेट छात्रों का मामला सुप्रीम कोर्ट में सुना गया था और इसके बाद यह तय हुआ था कि प्राइवेट छात्रों का रिजल्ट लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार होगा. सीबीएसई की कोशिश रहेगी कि छात्रों का रिजल्ट कम से कम समय में जारी हो जिससे कि छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए एडमिशन में परेशानी न हो. इतना ही नहीं सीबीएसई ने कहा कि यूजीसी और बोर्ड छात्रों के हितों को ध्यान में रख रहे हैं. यूजीसी एडमिशन शेड्यूल को छात्रों के रिजल्ट के हिसाब से तैयार मैनेज करेगा, जैसा कि पिछले साल किया गया था.

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