आ गई कोरोना की पहली इलेक्ट्रॉनिक टेस्ट किट, घर बैठे करें कोविड की जांच, आपके मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

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कोरोना के खिलाफ जारी जंग में देश को एक और कामयाबी मिली है. अब कोविड टेस्टिंग के लिए लैब या अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर किसी व्यक्ति में सर्दी, खांसी, बुखार या कोरोना के कोई अन्य ​लक्षण दिखते हैं तो वे घर बैठे अपनी जांच कर पाएंगे. ऐसा संभव होगा आईआईटी, हैदराबाद के शोधकर्ताओं की पहल पर.

दरअसल इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आईआईटी हैदराबाद के शोधकर्ताओं ने देश का पहला रैपिड इलेक्ट्रॉनिक कोविड-19 टेस्ट किट विकसित किया है. यह किट स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त भार को कम करने में मदद करेगी. लोगों को कोरोना जांच के लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी.

कोविहोम: 300 रुपए में होगी कोविड जांच

शोधकर्ताओं ने देश का पहला रैपिड इलेक्ट्रॉनिक कोविड-19 टेस्ट किट विकसित किया है, जो एआई तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर आधारित है. इसे कोविहोम नाम दिया गया है. इस टेस्ट किट के जरिए घर बैठे ही बेहद कम कीमत, महज 300 रुपये में कोविड-19 की जांच की जा सकेगी. इस टेस्ट किट के जरिए महज 30 मिनट के भीतर आरटीपीसीआर का जांच परिणाम हासिल कर पाना संभव है.

आपके स्मार्ट फोन पर मिलेगी जांच रिपोर्ट

कोविहोम टेस्ट किट के जरिए जांच का परिणाम एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन पर मिल जाती है. महज इतना ही नहीं शोधकर्ताओं ने इसके लिए आई-कोविड नामक मोबाइल एप भी विकसित किया है. कोविहोम टेस्ट किट की खासियत ये है कि इसके लिए आरटीपीसीआर मशीन, लैब या विशेषज्ञ मानव संसाधन की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन इसके जरिए आरटीपीसीआर स्तर का ही जांच परिणाम हासिल होता है.

RT-PCR टेस्ट की तरह प्रभावी

हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलिक्यूलर बायोलॉजी ने इस टेस्ट किट को 94.2 फीसदी तक प्रभावी करार दिया है.स्मार्टफोन आधारित कोविहोम टेस्ट किट के जरिए बिना किसी विशेषज्ञ की निगरानी में घर बैठे कोविड-19 की जांच की जा सकेगी. इस टेस्ट किट का बड़े पैमाने पर उत्पादन होने के बाद महज 300 रुपए में कोविड जांच करना संभव हो सकेगा.

आरटी-पीसीआर टेस्ट जैसा भरोसेमंद ?

आरटी-पीसीआर टेस्ट यानि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट. इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस वायरस के आरएनए की जांच की जाती है. जांच के दौरान शरीर के कई हिस्सों से सैंपल लेने की आवश्कता पड़ती है. जांच के लिए ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के भीतर वाली परत से स्वैब के जरिए लिए जाते हैं. अबतक आई जांच तकनीक में इसे सबसे ज्यादा विश्वस​नीय माना जाता है.

आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में सामान्यतः 6 से 8 घंटे का या फिर उससे भी ज्यादा समय लग जाता है. आरटी पीसीआर टेस्ट व्यक्ति के शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है. यही वजह है कि कुछ लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण सामने न आने के बावजूद भी ये टेस्ट पॉजिटिव आता है. कोविहोम की एक्यूरेसी भी आरटी-पीसीआर टेस्ट जैसी बताई जा रही है.

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