विदेशी मुद्रा भंडार 9.42 अरब डॉलर बढ़कर 620.57 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 जुलाई, 2021 को समाप्त सप्ताह में 9.427 अरब डॉलर बढ़कर 620.576 अरब डॉलर हो गया. भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपने ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी. विदेशी मुद्रा भंडार 23 जुलाई, 2021 को समाप्त सप्ताह में 1.581 अरब डॉलर घटकर 611.149 अरब डॉलर रह गया था.

रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 30 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि की वजह विदेशी मुद्रा संपत्तियों (FCA) का बढ़ना था जो समग्र भंडार का प्रमुख घटक है. इस दौरान एफसीए 8.596 अरब डॉलर बढ़कर 576.224 अरब डॉलर हो गया. डॉलर के लिहाज से बताई जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और एन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है.

गोल्ड रिजर्व में 76 करोड़ डॉलर का उछाल

आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान स्वर्ण भंडार 76 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.644 अरब डॉलर हो गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास मौजूद विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 60 लाख डॉलर बढ़कर 1.552 अरब डॉलर हो गया. रिजर्व बैंक ने बताया कि आलोच्य सप्ताह के दौरान आईएमएफ के पास मौजूद भारत का विदेशीमुद्रा भंडार भी 6.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.156 अरब डॉलर हो गया.

डॉलर के मुकाबले इस सप्ताह रुपए में रही तेजी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से गुरुवार को इस साल की चौथी मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा की गई. आरबीआई ने लगातार सातवीं बार रेपो रेट को 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट को 3.35 फीसदी बरकरार रखा है. रिजर्व बैंक ने इंफ्लेशन के टार्गेट को चालू वित्त वर्ष के लिए बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया है. इस सप्ताह लगातार पांच दिन डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी दर्ज की गई, जबकि सोने में गिरावट आई. सप्ताह के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपए का क्लोजिंग भाव 74.15 था.

इस साल फिस्कल डेफिसिट 2.74 लाख करोड़ रहने का अनुमान

महालेख नियंत्रक (CGA) द्वारी जारी आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा इस साल जून महीने के अंत में 2.74 लाख करोड़ रुपए रहा. यह पूरे साल (2021-22) के लिए बजट में अनुमानित घाटे का 18.2 फीसदी है. जून, 2020 की समाप्ति पर राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020-21 के बजट अनुमानों का 83.2 फीसदी पहुंच गया था. समग्र रूप में इस बार जून के अंत में राजकोषीय घाटा 2,74,245 करोड़ रुपए था.

चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 6.8 फीसदी रहने का अनुमान

सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 की समाप्ति पर राजकोषीय घाटा 15,06,812 करोड़ रुपए या सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 6.8 फीसदी रहेगा. वर्ष 2020-21 में राजकोषीय घाटा या व्यय एवं राजस्व के बीच अंतर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 9.3 फीसदी था. यह फरवरी में पेश किए बजट के संशोधित बजट अनुमान के 9.5 फीसदी से कम रहा जो राजकोषीय स्थिति में सुधार का परिणाम है.

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