हरिद्वार कुंभ मेला 2021:  धर्मनगरी हरिद्वार में आज से महाकुंभ का आगाज़, निरंजनी अखाड़े की घोड़े और हाथियों के साथ निकलेगी पेशवाई

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हरिद्वार में अप्रैल में होने वाले महाकुंभ को लेकर जहां मेला स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां चल रही है वहीं अखाड़े आश्रमों में भी महाकुंभ को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियों के साथ-साथ उत्साह भी देखने को मिल रहा है। संत और महंत बुधवार को बड़ी पेशवाई जुलूस के रूप में अपने अखाड़े स्थित छावनी में प्रवेश करेंगे जहां पर धर्म ध्वजा स्थापित की गई है।

महाकुंभ के शाही स्नान से पहले सभी अखाड़ों के रमता पंच जो कि देश भर के भ्रमण पर रहते हैं मेला क्षेत्र में प्रवेश करते हैं और पेशवाई के माध्यम से अखाड़ों तक पहुंचते हैं इसी क्रम में सन्यासी अखाड़ों के प्रमुख अखाडे निरंजनी अखाड़ा के रमता पंच भी हरिद्वार में प्रवेश कर चुके हैं जोकि स्थानीय एस एम जैन डिग्री कॉलेज में छावनी लगा चुके है। ये संत व महंत कल बड़ी पेशवाई जुलूस के रूप में अपने अखाड़े स्थित छावनी में प्रवेश करेंगे जहां पर धर्म ध्वजा स्थापित की गई है और इस धर्मध्वजा के नीचे साधु संत महाकुंभ के अंत तक साधना एवं धर्म कर्म के काम में लगेंगे।

निरंजनी अखाड़े के श्री महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि आज परंपरागत रूप से पेशवाई यहां कॉलेज के मैदान से निकलकर शहर के कई मार्गों से होती हुई निरंजनी अखाड़े में प्रवेश करेगी जिसमें अखाड़े से जुड़े सभी संत महंत आचार्य महामंडलश्वर घोड़े रथ हाथियों पर बैठकर गाजे बाजे के साथ जुलूस में शामिल होंगे और जगह-जगह इनका स्वागत किया जाएगा साथ ही हेलीकॉप्टरों से भी इन पर पुष्प वर्षा की जाएगी।

महंत गिरि ने बताया की पेशवाई निकालने की बहुत पुरानी परंपरा है और निरंजनी अखाड़ा सबसे पहले अपनी पेशवाई निकालता है पेशवाई का स्वागत करने स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी आज हरिद्वार पहुंच रहे हैं शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन एवं स्थानीय लोग भी बड़े पैमाने पर इन पेशवाई में शामिल होने वाले साधु संतों का स्वागत करते हैं और उन पर पुष्प वर्षा करते हैं।
इन पेशवाई में शामिल होने वाले नागा सन्यासी एक बहुत बड़ा आकर्षण होते है। जिनके दर्शन करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु भी यहां आकर पेशवाई में शामिल होते हैं।

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