किसान आंदोलन Bihar: मुजफ्फरपुर में कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे किसान नेताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा,कारवाई की मांग

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मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर 69 दिनों से कृषि कानूनों के विरोध में धरना पर बैठे किसान नेताओं पर मंगलवार की दोपहर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला किया। नेताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बैनर-पोस्टर फाड़ दिए। तिरपाल उखाड़ दिया। किसान नेताओं को खुदीराम बोस स्मारक स्थल परिसर से निकाल दिया। 15-20 की संख्या में रहे हमलावर लाठी-डंडे से लैस थे। घटना को अंजाम देकर 10 मिनट में निकल गए। इससे मौके पर अफरातफरी रही। किसान नेता कंपनीबाग रोड पर ही बैठ गए। जिला प्रशासन से हमलावरों पर कार्रवाई करने की मांग की। 

सूचना पर नगर थानेदार ओमप्रकाश, सब-इंस्पेक्टर राजपत कुमार व काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद किसान नेता सड़क से हटे। फिलहाल घटना को लेकर थाने में लिखित शिकायत नहीं की गई है। एक संगठन पर हमला करने और एक राजनीतिक पार्टी पर इसकी साजिश रचने का आरोप लगाया है। नगर थानेदार ओमप्रकाश ने बताया कि धरना पर बैठे किसान नेताओं पर हमले की बात सामने आयी है। उनके साथ मारपीट भी की गई है। आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर पुलिस ठोस कार्रवाई करेगी।

मारपीट में आधा दर्जन से अधिक चोटिल :
अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि आंदोलनकारी नए कृषि कानूनों के विरोध में बीते 69 दिन से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं। मंगलवार को किसान नेता चौधरी छोटू राम की जयंती मनाने की तैयारी हो रही थी। धरनास्थल पर करीब 10-15 सदस्य भी थे। दोपहर बार साढ़े तीन बजे 15-20 की संख्या में युवक और तीन बुजुर्ग पहुंचे। उनलोगों ने सबसे पहले वक्ता से माइक छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद उनलोगों से धरना देने को लेकर प्रशासन से मिले अनुमति पत्र की मांग करने लगे। विरोध जताने पर युवक बैनर-पोस्टर तोड़ने लगे। गाली-गलौज करने लगे। उन्हें रोकने पर हिंसक हो गए। आंदोलनकारियों के साथ मारपीट करने लगे। धक्का देकर परिसर से बाहर निकाल दिया। इसमें आधा दर्जन से अधिक लोग चोटिल हो गए। 

देवता को अपमानित करने का आरोप :
धरना में शामिल रहे अधिवक्ता मो. युनूश ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने धरना पर बैठे नेताओं पर एक देवता विशेष को अपमानित करने का आरोप लगाया। इसपर उनलोगों से नोकझोंक भी हुई। उनके एक राष्ट्रीय स्तर के नेता पर भी देवता को अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्हें अपशब्द भी कहा। इसपर उनलोगों को समझाने की भी कोशिश की गई, लेकिन, वे नहीं माने और तोड़फोड़ करते रहे। किसान नेताओं ने असमाजिक तत्वों की वीडियोग्राफी भी की, जिसे पुलिस को सौंप दिया है। 

कंपनीबाग में आधा घंटा यातायात प्रभावित : 
धरनास्थल पर तोड़फोड़ व नेताओं के साथ मारपीट के बाद आंदोलनकारी कंपनीबाग मेन रोड पर बैठ गए। इससे कंपनीबाग मेनरोड पर अफरातफरी मच गई, जो करीब साढ़े तीन से चार बजे तक जारी रहा। किसान नेताओं के सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित हो गया। गाड़ियों की कतार लग गई। सभी गाड़ियां दूसरे लेन (कंपनीबाग-डीएम आवास मोड) से रेंगती रहीं। नेताओं के सड़क से उठने के बाद यातायात सुचारू हो सका।

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