रेमडेसिविर के उत्पादन में बढ़ोत्तरी, 6 कंपनियों को मिली मंजूरी, हर महीने 78 लाख यूनिट तक तैयार होगी दवा

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केंद्र सरकार ने कोरोना के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा रेमडेसिविर के उत्पादन में बढ़ोत्तरी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। दवा का उत्पादन करने वाली छह कंपनियों को प्रतिमाह दस लाख इंजेक्शन अतिरिक्त उत्पादन के लिए मंजूरी दी गई है। जबकि 30 लाख इंजेक्शन प्रतिमाह उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इंजेक्शन बनाने वाली कुल सात कंपनियों की मौजूदा क्षमता 38.80 लाख प्रतिमाह है। नई क्षमता के शुरू होने से 78 लाख से अधिक इंजेक्शन प्रतिमाह तैयार हो सकेंगे।

उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने रेमडेसिविर के उत्पादन को लेकर हाल में इसके निर्माताओं के साथ बैठक की है जिसमें उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई है। साथ ही इसके मूल्यों में कमी लाने पर भी चर्चा की। रेमडेसिविर के उत्पादकों ने इसकी कीमतें 3500 रुपये प्रति इंजेक्शन से कम रखने पर सहमति प्रकट की है। हालांकि कुछ कंपनियों के दाम पहले ही इससे कम हैं लेकिन कुछ के दाम अभी पांच हजार रुपये के करीब हैं।

घरेलू बाजार में रेमेडिसविर की आपूर्ति को बढ़ाने के लिए डीजीएफटी द्वारा 11 अप्रैल 2021 को रेमेडिसविर, एपीआई और फॉर्मूलेशन को निर्यात प्रतिबंध के तहत रखा गया है। वहीं सरकार के हस्तक्षेप पर निर्यात के लिए रखी गई रेमेडिसविर की 4 लाख शीशियों को घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए विनिर्माताओं को दिया गया है।

डीसीजीआई द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों के प्रवर्तन अधिकारियों को रेमेडिसविर की काला-बाजारी, जमाखोरी एवं अधिक कीमत वसूली की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) रेमेडिसविर की उपलब्धता की लगातार निगरानी कर रहा है।

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