भारत में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल बढ़ा, RBI करता रहा है विरोध

0
267

बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी ने निवेश के बाज़ार में फिर से एंट्री कर ली है. इस बार ये एंट्री शानदार है, ये कहना भी ग़लत नहीं होगा. एक पीस बिटकॉइन का रेट 16 लाख रुपए (क़रीब 22000 डॉलर) हो गया.

ये तीन साल का सबसे अधिक रेट है. पिछले साल मार्च में ये रेट 5900 डॉलर था, ऐसे अनुमान भी लगाए जा रहे हैं कि ये क़ीमत 100,000 डॉलर तक पहुँच सकती है.

क्रिप्टोकरेंसी एक डिज़िटल मनी है जिसे कोई केंद्रीय संस्था रेग्युलेट नहीं करती है. ये रुपए या डॉलर की तरह नहीं हैं लेकिन सामान ख़रीदने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है.अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन के लिए कई बिज़नेस कंपनियां भी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रही हैं.

क्या लंबे समय तक चल पाएगा इसका प्रयोग?

वज़ीर एक्स भारत का मुख्य क्रिप्टोकरेंसी प्लैटफ़ॉर्म है. पिछले 6 महीने में 300 प्रतिशत अधिक यूज़र्स ने इस प्लेटफॉर्म पर साइनअप किया है.

कंपनी के सीईओ निश्चल शेट्टी के मुताबिक,”मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि वर्चुअल या क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल वित्तीय सेवा देने वाली फर्म नहीं कर सकतीं.”

”इसके बाद लॉकडाउन हो गया और लोगों ने घर से काम करना शुरू किया. इससे लोगों को क्रिप्टोकरेंसी के बारे में पढ़ने और रिसर्च करने का बहुत समय मिला. लोगों की नौकरियां चली गईं, और वो पैसे कमाने के नए तरीक़े खोजने लगे.”

“इस महामारी ने लाखों लोगों को क्रिप्टो की तरफ़ आकर्षित किया. अंतरराष्ट्रीय इन्वेस्टर जैसे कि माइक्रोस्ट्रैटिजी, पे स्केल और पे पाल ने क्रिप्टोकरेंसी में काफ़ी पैसा लगाया है. इससे इस इंडसट्री को काफ़ी कैपिटल मिला.”

लेकिन 2017 से अभी तक क्या बदला है? इसके जवाब में शेट्टी कहते हैं, “निवेशक पहले से अधिक परिपक्व हो गए हैं. उन्होंने साल 2017 से अभी तक का साइकिल देखा है. उन्हें पता है कि पहले चढ़ाव आएगा, फिर उतार. उन्हें पता है कि क्या हो सकता है.”

क्रिप्टोकरेंसी की मार्केट वॉचडॉग के मुताबिक़ 16 दिसंबर, 2020 में भारत की चार प्रमुख क्रिप्टो करेंसी के बीच 22.4 मिलियन डॉलर का व्यापार हुआ. एक मार्च तक ये आँकड़ा 4.5 मिलियन डॉलर था.

इसके अलावा मार्च से अब तक मुख्य एक्सचेंज में 500 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है. ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के पैक्सफुल की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत बिटकॉइन का चीन के बाद एशिया में सबसे बड़ा मार्केट बन गया है. इसके अलावा दुनिया का छठा सबसे बड़ा मार्केट भी भारत है. अमेरिका, नाइजीरिया, चीन कनाडा और ब्रिटेन भारत से आगे हैं.

क्या भारत में क्रिप्टोकरेंसी क़ानूनन वैध है?

पूरी तरह से ऑनलाइन होने के कारण इसके ग़लत इस्तेमाल और फ्रॉड की भी आशंका बनी रहती है. यही सबसे बड़ा कारण है कि भारत के केंद्रीय बैंक ने इसका विरोध किया और 2018 में इसे बैन किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिर से इसके इस्तेमाल की इजाज़त दे दी.

जानकार मानते हैं कि निवेश करते समय भावनाओं में नहीं बहना चाहिए. एक व्यक्ति 10 रुपये से भी शुरू कर सकता है और धीरे धीरे सीख सकता है.

6 अप्रैल 2018 को आरबीआई ने एक सर्कुलर जारी कर क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल ट्रेड के लिए करने पर रोक लगा दी और आदेश दिया था कि बैंक और दूसरी वित्तीय संस्थाएं किसी तरह की वर्चुअल करेंसी में लेनदेन न करें.

सस्थाओं को इससे बाहर आने के लिए तीन महीनों का समय दिया गया था. आरबीआई ने इससे पहले इसके यूज़र्स और व्यापारियों को इसके ख़तरे से भी आगाह किया था.

इस फ़ैसले को इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने चुनौती दी थी, जो कि अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी को सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया था.

आरबीआई ने फ्रॉड के डर से ये फ़ैसला लिया था और वो इंतज़ार कर रहे थे कि सरकार इसे लेकर कोई गाइडलाइन जारी करे.

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया का मानना है कि आरबीआई का ये फ़ैसला ग़ैर संवैधानिक था और किसी भी बिज़नेस को देश के बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने का अधिकार है.

लेकिन इस पर टैक्स क्या लगेगा?

अभी इस बात को लेकर बहुत दुविधा है कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई को किस तरीक़े से देखा जाएगा. सरकार ने इससे जुड़ी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है.

मनीएडूस्कूल के फ़ाउंडर अर्नव पांड्या ने बीबीसी को बताया, “इसे इनकम फ्रॉम अदर सोर्स की तरह दिखाना होगा. ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप इसे कम समय के लिए रख रहे हैं या लंबे समय के लिए. इसी के मुताबिक़ आपको कैपिटल गेन टैक्स देना होगा.”

“ये चार्टेड अकाउंटेंट पर निर्भर करेगा कि वो इस आमदनी को कैसे दिखाता है. आप ये मानकर नहीं चल सकते कि आयकर विभाग को आपकी इस आमदनी के बारे में पता नहीं चलेगा. उनके पास सभी प्लैटफॉर्म के रिकॉर्ड हैं, और सभी को केवाईसी (नो युअर कस्टमर) का पालन करना पड़ता है.”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here