घायल IPS अधिकारी को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया, तीन घंटे तक चला ऑपरेशन

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असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच एक विवादित अंतरराज्यीय सीमा को लेकर गोलीबारी में घायल हुए आईपीएस अधिकारी वैभव निंबालकर को विमान से मुंबई लाया गया तथा उनकी यहां एक निजी अस्पताल में सर्जरी हुई. उनके सहयोगियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. महाराष्ट्र में पुणे के रहने वाले 2009 बैच के अधिकारी असम में कछार के पुलिस अधीक्षक हैं और उन्हें सोमवार को हुई गोलीबारी में चोटें आयीं.

आईपीएस अधिकारी की तीन घंटे तक चली सर्जरी

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें मंगलवार शाम को विमान से लाया गया तथा मुंबई के अंधेरी इलाके में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार के एक सदस्य ने कहा, ‘निंबालकर की यहां तीन घंटे तक सर्जरी हुई जिसमें उनके शरीर से गोली के टुकड़े निकाले गए. अगला कदम उनमें किसी भी तरह का संक्रमण रोकना है.’ अधिकारी को गोली से ज्यादातर चोटें कुल्हे तथा शरीर के निचले हिस्से पर लगी हैं. उन्होंने कहा, ‘यह सकारात्मक बात है कि किसी भी मुख्य अंग को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है.’ उन्होंने बताया कि निंबालकर की तीन साल की बेटी है जो असम में है.

मुंबई की पुलिस उपायुक्त एन अम्बिका ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है. वह निंबालकर के ही बैच की हैं. असम-मिजोरम सीमा पर सोमवार को हिंसक झड़पों में निंबालकर के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) समेत छह पुलिसकर्मी तथा एक आम नागरिक मारे गए और करीब 50 अन्य घायल हो गए.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि मृतकों के परिजन को 50 लाख रुपये दिए जाएंगे तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी जबकि घायलों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने मिजोरम सीमा पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने की भी घोषणा की.

क्या है पूरा मामला

मिजोरम के तीन जिले आईजोल, कोलासिब और मामित असम के कछार और हैलाकांडी जिलों से अंतर-राज्यीय सीमा शेयर करते हैं. यह क्षेत्र विवादित माना जाता है जहां से समय-समय पर झड़पों की खबर सामने आती रहती है. हालांकि ये तनाव पिछले कुछ दिनों से बढ़ता नजर आ रहा है. वजह है असम पुलिस का अभियान जो उपद्रवियों की तरफ से कथित रूप से अतिक्रमण की गई भूमि को खाली कराने के लिए चलाया जा रहा है.

10 जुलाई को सीमा का दौरा करने वाले असम सरकार के एक दल पर संदिग्ध बदमाशों द्वारा एक आईईडी फेंका गया था, जबकि 11 जुलाई तड़के सीमा पार से एक के बाद एक दो विस्फोटों की आवाज सुनी गई थी. इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले नयी दिल्ली में मुख्य सचिवों और डीजीपी समेत दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी.

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