फेक न्यूज पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ‘इंडियन वेरिएंट’ शब्द हटाने के निर्देश

0
321

एक ओर कोरोना महामारी देशभर में कहर बरपा रही, तो वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इसको लेकर अफवाहों का दौर जारी है। इस मामले में अब भारत सरकार ने सख्ती का मूड बना लिया है। जिसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वो ऐसे कंटेंट को तुरंत हटा दें, जिसमें ‘इंडियन वेरिएंट’ शब्द का प्रयोग किया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम के बाद फेक न्यूज पर लगाम लगेगी। हालांकि अभी तक आईटी मंत्रालय ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है।

सूत्रों के मुताबिक ‘इंडियन वेरिएंट’ शब्द को लेकर आईटी मंत्रालय ने फेसबुक, ट्विटर समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के B.1.617 को ‘इंडियन वेरिएंट’ कहा जा रहा है, जबकि WHO की किसी भी रिपोर्ट में ये नहीं कहा गया कि भारत में कोई स्पेशल वेरिएंट है। इसके अलावा कुछ मीडिया हाउस ये खबर भी फैला रहे कि भारतीय वेरिएंट दुनियाभर में फैल रहा है। इससे पहले भी केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें कोरोना से जुड़े फेक कंटेंट को हटाने को कहा गया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही थी ये बात

12 मई को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक रिलीज जारी की थी। जिसमें उसने कहा कि कई लोग सोशल मीडिया पर कोरोना के नए वेरिएंट को ‘इंडियन वेरिएंट’ नाम दे रहे हैं, जबकि ऐसा कोई वेरिएंट नहीं है। ऐसी पोस्ट का मकसद सिर्फ देश की छवि खराब करना है, ऐसे में सोशल मीडिया से तुरंत इन कंटेंट को हटाया जाना चाहिए।

ये है सबसे ज्यादा संक्रामक

आपको बता दें महीनों पहले कोरोना वायरस म्यूटेट हुआ था, जिस वजह से B.1.617 वेरिएंट सामने आया। इसके कुछ दिनों बाद इसमें फिर बदलाव हुआ, जिसे B.1.617.2 कहा जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये दोनों म्युटेशन काफी ज्यादा संक्रामक हैं, जिस वजह से देश में रोजाना के केस की संख्या 4 लाख से ज्यादा पहुंची थी। हालांकि इसके दूसरे सब टाइप्स पर अभी रिसर्च जारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here