बंगाल में हिंसा के जिम्मेदारों पर कंगना रनौत ने माँगा एक्शन तो ट्विटर ने अकाउंट किया सस्पेंड

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत के बाद से लगातार हिंसा की खबरें आ रही हैं। टीएमसी के गुंडों पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं। हिंसा के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की माँग के बाद ट्विटर ने कंगना रनौत का अकाउंट सस्पेंड कर दिया है।

इससे पहले बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने हिंसक घटनाओं को लेकर सिलसिलेवार ट्वीट कर नाराजगी जताई है। कंगना ने लिखा, “धिक्कार है हर उस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया टट्टू को जो इस नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं। जिन्होंने इन खून की प्यासी राक्षसी को बढ़ावा दिया। भारत याद रखो ये हिंदू राष्ट्रवादियों की मृत्यु नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की मृत्यु है।”

अपने दूसरे ट्वीट में कंगना ने एक भाजपा कार्यकर्ता की तस्वीर शेयर की। इस पर उन्होंने लिखा, “टीएमसी गुंडों ने किया भाजपा कार्यकर्ता के साथ गैंगरेप। इंदिरा गाँधी ने 39 बार आपातकाल लगाया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कह दिया कि भारत इस बात की परवाह ही नहीं करता कि आप क्या सोचते हो, भाड़ में जाओ। ये गवार खून का प्यासा देहाती देश मोदी के प्यार की भाषा नहीं जानते, इन्हें डंडा चाहिए।”

बिना नाम लिख कंगना ने लिखा है, “मैं गलत थी, वह रावण नहीं है। वह तो सबसे अच्छा राजा था दुनिया में सबसे अच्छा देश बनाया, महान ऐडमिनिस्ट्रेटर था, विद्वान था और वीणा बजाने वाला और अपनी प्रजा का राजा था। वह तो खून की प्यासी राक्षसी ताड़का है। जिन लोगों ने उसके लिए वोट किया, खून से उनके हाथ भी सने हैं।”

कंगना रनौत ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन के हैशटैग के साथ कैलाश विजयवर्गीय द्वारा शेयर की गई वीडियो पर टिप्पणी दी। उन्होंने वीडियो में औरतों को टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटता देख कहा, “ये होता है जब दैत्य सत्ता पाते हैं… अधर्म की धर्म पर जीत हुई।”

ननूर के हालातों पर वह बोली, “यह भयावह है। हमें गुंडई के सफाए के लिए सुपर गुंडई की जरूरत है। ये एक दानव है। इसके अंत के लिए मोदी जी अपना 2000 से पहले वाला विराट रूप दिखाना होगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माँग करते हुए कंगना ने कहा, “ये नरसंहार रुकना चाहिए। अब तक 30 लोगों की हत्या हो गई है। अमित शाह कृपया अपने कार्यकर्ताओं को बचाओ। वो घर, दुकानें, व्यापार और जिंदगी सब गवा रहे हैं। कृपया उन्हें बचाएँ।”

गौरतलब है कि बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वहाँ हिंसा की खबरें आ रही हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि नतीजों के बाद उनकी पार्टी के करीब 100 दफ्तरों और कार्यकर्ताओं के घरों को तबाह कर दिया गया और कुछ को आग के हवाले कर दिया गया है। वहीं ममता बनर्जी सब कुछ देखते हुए इन घटनाओं से ये कहकर किनारा कर रही हैं कि जब तक वो शपथ नहीं ले लेतीं, कानून-व्यवस्था उनके हाथ में नहीं है। 

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