रुद्रप्रयाग ब्लॉक एनएच-109 में भूस्खलन, गाड़ियों की लम्बी कतारें

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उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में पिछले कुछ दिनों से खूब बारिश हो रही है। भारी बारिश के बाद गुरुवार को रूद्रप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) – 109 पर भीषण भूस्खनल होने के कारण राष्ट्रिय मार्ग ब्लॉक हो गया। अचानक हुए भूस्खलन के बाद वाहनों यहां जाम लग गया है. वाहनों की लंबी कतारों के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तरसाली गांव के पास पहाड़ी का एक पूरा हिस्सा सड़क के ऊपर से गिर गया जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

प्रशासन का बयान

एनएच जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हलाकि वक़्त रहते ही स्थानीय लोगों ने यात्रिओं को वापस भेज दिया था जिसकी बदौलत कोई जान की हानि नही हुई है. जिलाधिकारी (डीएम) मयूर दीक्षित ने एएनआई को बताया कि हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया गया है और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही की जाएगी।डीएम दीक्षित ने कहा, ‘सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। राजमार्ग को खोलने का काम राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा किया जा रहा है। मलबा साफ होने के बाद यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही की जाएगी।’

रुद्रप्रयाग जिले के तरसाली गांव के पास गुरुवार को हुए भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-109 जाम हो गया है.हादसे के बाद सभी यात्रियों को रोककर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सड़कों से मलबा हट जाने के बाद राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी जाएगी।

इससे पहले, राज्य आपदा एजेंसी ने 42 आदि कैलाश तीर्थयात्रियों को बचाया था, जो भारी वर्षा के कारण सड़क अवरोधों के कारण तीर्थयात्रा से वापस जा रहे तवाघाट के पास फंसे हुए थे। एक अधिकारी ने कहा कि तीर्थयात्री मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली के थे।

व्यास घाटी के 50 ग्रामीणों को भी भारी वर्षा के कारण उत्पन्न व्यवधान के कारण गुंजी में चार दिनों तक फंसे रहने के बाद हेलीकाप्टरों की मदद से बचाया गया।

केदारनाथ यात्रा बद्ध

वहीं केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को रुद्रप्रयाग, तिलवारा, अगस्त्यमुनि और गुप्तकाशी में रोका गया है। सोनप्रयाग से वापस आने वाले तीर्थयात्रियों को भी सोनप्रयाग, सीतापुर आदि सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। वहीं ऑल वेदर सड़क निर्माण के बाद से केदारनाथ हाईवे के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश से स्थानीय लोगों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर मलबे का ढेर लगा है जिससे यात्रा करने में दिक्कत आ रही है।

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