अंतिम संस्कार को तरस रहे परिजनों की मदद को आगे मदद-गुरु संस्था

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भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर तबाही मचा रही है. लोग बेड, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए तरस रहे हैं। कोविड -19 पीड़ितों की मौत के आंकड़ों में भारी वृद्धि के चलते श्मशान घाटों पर भी बोझ बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपथ में भी ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां लोग अपनों को खोते जा रहे हैं। मगर दुर्भाग्य की बात ये है कि उन मृत शरीर को ढ़कने के लिए परिजनों के पास कफन तक की सुविधा नहीं है। अंतिम संस्कार के लिए लंबी लंबी कतारें लग रही हैं, जिसके चलते परिजनों को अपने मरीज़ों के अंतिम संस्कार के लिए घंटो खड़े रहना पड़ता है। ऐसे हालातों से निपटने के लिए भूखे प्यासे बैठे परिजनों के ना सिर्फ खाने पीने की व्यवस्था बल्कि कोरोना वायरस रोगियों का अंतिम संस्कार करने का भी बीड़ा एक संस्था ने उठाया है.

कोरोना काल में एक के बाद एक भयावह स्थिति देखने को मिल रही है। संक्रमित मरीजों की मौत होने पर उनके अंतिम क्रिया में तमाम दिक्कतें देखने को मिल रही है। यह परेशानी वहां अधिक है, जहां पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमित है। ऐसे में मृतक का अंतिम संस्कार पूरी क्रिया विधि से नहीं हो पा रहा है। इसके लिए मदद-गुरू संस्था आगे आई है। संस्था के फाउंडर पंडित आयुष गौर ने बताया कि कोरोना से यदि किसी की मृत्यु हो जाये और मृतक के रिश्तेदार या परिवार वाले सहयोग नहीं कर पा रहे हैं तो वह मदद-गुरू की टीम से संपर्क कर सकते हैं, जो मृतक के स्वजन को सहयोग करेंगी। इसके अलावा पंडित आयुष गौर ने ये भी बताया कि, उनकी संस्था पिछले कई दिनों से लोगों को भोजन बांट रही है। ये भोजन रोज़ाना तकरीबन डेढ़ सौ से दो सौ लोगों तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि, वे निरंतर इसी तरह से घाट और राह चलते गरीबों को भोजन बांटते हैं।

 

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