‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन होंगे भाजपा में शामिल, 21 फरवरी को केरल में लेंगे पार्टी की सदस्यता

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देश में मेट्रो रेल की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभाने वाले और देशभर में ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने अब राजनीतिक पारी शुरू करने की योजना बनाई है।

इसके लिए वह भाजपा का दामन थामेंगे और 21 फरवरी को पार्टी की विजय यात्रा के दौरान पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

यह विजय यात्रा केरल में भाजपा के अध्यक्ष सुरेंद्रन के नेतृत्व में निकाली जाएगी, जिसमें भाजपा की योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।

21 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे श्रीधरन- सुरेंद्रन

केरल भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्रन ने कहा कि श्रीधरन 21 फरवरी को कासरगोड़ से शुरू होने वाली पार्टी की ‘विजय यात्रा’ के दौरान अधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

श्रीधरन ने पूर्व में भाजपा के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की थी।

उन्होंने कहा कि कासरगोड़ से शुरू होने वाली भाजपा की यह विजय यात्रा मार्च के पहले सप्ताह में राज्य के तिरुवनंतपुरम में समाप्त होगी। यह भाजपा के लिए अहम यात्रा है।

श्रीधरन ने जताई राज्य के लिए काम करने की इच्छा

श्रीधरन ने बताया, ‘यह निर्णय अचानक नहीं लिया है। मैं पिछले एक दशक से केरल में हूं और राज्य के लिए कुछ करना चाहता हूं। मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता। इसलिए मैं पार्टी में शामिल हो रहा हूं।’

उन्होंने आगे कहा कि वह अब राज्य में मेट्रो परियोजनाओं पर केरल सरकार को सलाह देना बंद कर देंगे। इसके बाद वह केवल भाजपा केंद्रित गतिविधियों पर ध्यान देंगे और लोगों को उनके बारे में बताएंगे।

पलक्कड़ में हुआ था श्रीधरन का जन्म

बता दें कि श्रीधरन का जन्म 12 जून, 1932 को केरल के पलक्कड़ जिले में हुआ था। उन्होंने भारत की कुछ सबसे बड़ी रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्हें कोंकण रेलवे के सफल निर्माण का भी श्रेय दिया जाता है। यह आजादी के बाद भारत के पश्चिमी तट को जोड़ने वाली सबसे बड़ी रेल परियोजना है।

उन्हें मेट्रो रेल परियोजना के शुभारंभ के बाद भारत के ‘मेट्रो मैन’ की उपाधि दी गई थी।

श्रीधरन ने कई जगह दी अपनी सेवाएं

श्रीधरन ने दिल्ली मेट्रो, कोच्चि मेट्रो, लखनऊ मेट्रो को अपनी सेवाएं दी हैं। लखनऊ मेट्रो रेल के लिए उन्हें मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था। साल 2019 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने जयपुर मेट्रो को भी अपनी बहुमूल्य सलाह दी और देश में बनने वाली दूसरी मेट्रो रेल परियोजनाओं के साथ भी वे जुड़े हुए हैं।

उन्होंने दिल्ली सरकार की महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा की योजना का भी विरोध किया था।

पद्म श्री और पद्म विभूषण से हो चुके हैं सम्मानित

बता दें कि श्रीधरन को कोलकाता मेट्रो से लेकर दिल्ली मेट्रो तक में अहम योगदान के लिए जाना जाता है।

मेट्रो जैसे क्रांतिकारी परिवहन में उनके बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें 2001 में पद्म श्री और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

इतना ही नहीं योगदान के लिए फ्रांस सरकार ने भी साल 2005 में उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था। इसके अलावा टाइम मैग्जीन भी इन्हें ‘एशिया का हीरो’ का टाइटल दिया था।

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