मिल्खा सिंह का ऑक्सीजन लेवल हुआ कम, बुखार आया, डॉक्टरों की टीम कर रही मॉनिटर

0
205

भारत के महान धावक मिल्खा सिंह की हालत नाजुक है. उनकी सेहत के बारे में जानकारी देते हुए चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर (PGIMER) अस्पताल ने कहा कि शुक्रवार को उनका ऑक्सीजन स्तर गिर गया और उन्हें बुखार भी आ गया लेकिन वह स्वस्थ होने के लिये संघर्ष कर रहे हैं. 91 साल के मिल्खा सिंह का कोविड-19 परीक्षण बुधवार को नेगेटिव आया था जिसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से सामान्य आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था और डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. पीजीआईएमईआर के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा, ‘उन्हें गुरुवार की रात को अचानक बुखार आ गया और उनका ऑक्सीजन का स्तर भी गिर गया. डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे है.’ इससे पहले उनकी हालत स्थिर थी.

उनके परिवार के बयान के अनुसार, ‘मिल्खा जी के लिए दिन थोड़ा मुश्किल रहा. लेकिन वह इससे संघर्ष कर रहे हैं.’ उन्हें पिछले महीने कोविड-19 संक्रमण हो गया था. उनकी पत्नी निर्मल कौर का कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए रविवार को मोहाली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. कौर खुद एथलीट रही थीं. वह भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान रह चुकी थीं. मिल्खा सिंह के साथ निर्मल कौर की शादी साल 1962 में हुई थी. इन दोनों के दो बच्चे हैं. एक बेटा , जीव मिल्खा सिंह , जो भारतीय गोल्फर हैं. और दूसरी उनकी बेटी, जो अमेरिका में डॉक्टर हैं .

मिल्खा सिंह को 3 जून को पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था. इससे पहले उनका घर पर ही इलाज चल रहा था लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें पीजीआईएमईआर ले जाया गया. इससे पहले मोहाली के फॉर्टिस अस्पताल में भी एक सप्ताह तक उनका इलाज चला था.

मिल्खा सिंह ने चार बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. साथ ही वह 1958 कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन भी हैं. फिर 1960 के रोम ओलिंपिक खेलों में 400 मीटर की दौड़ में वे मामूली अंतर से पदक से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे. वे 1956 और 1964 के ओलिंपिक खेलों में भी शामिल हुए थे. 1959 में उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here