न्यूजीलैंड और जर्मनी ने भी किया मदद का ऐलान, कहा- ‘मुश्किल वक्त में भारत ने दिया साथ, अब हमारी बारी’

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दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी की दूसरी लहर देखने को मिली, लेकिन भारत जितना असर कहीं नहीं रहा। मौजूदा वक्त में भारत में रोजाना 3.5 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा मौत का आंकड़ा भी 3000 के पार पहुंच गया है। हालात इतने ज्यादा बिगड़ चुके हैं कि स्वास्थ्य ढांचा बुरी तरह से चरमरा गया है। ऐसे में दुनिया के कई देशों ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है।

न्यूजीलैंड सरकार ने भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेड क्रॉस को 1 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (7,20,365 अमेरिका डॉलर) देने का ऐलान किया। मामले में वहां की विदेश मंत्री नानिया महुता ने कहा कि भारत के साथ हम एकजुटता से खड़े हैं। इस मुश्किल वक्त में काम करने के लिए भारत के स्वास्थ्यकर्मियों की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। इसी के चलते रेड क्रॉस के जरिए 1 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर देने की घोषणा हुई है।

वहीं इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस ने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर्स और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने के लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ सीधे काम हो रहा है। इसके अलावा स्थिति की निगरानी की जा रही है, ताकी भारत सरकार की सहायता की जा सके।

जल्द आएगा ऑक्सीजन प्लांट संयंत्र

वहीं भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडनर ने कहा कि जब दुनिया कोविड से बुरी तरह प्रभावित थी, तो भारत ने सभी देशों का साथ दिया। अब हमें अपने दोस्त का साथ देने का वक्त आ गया है। जर्मनी भारत में एक बड़े ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र को भेजने के लिए तैयार है, जो भारी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा। इसके अलावा वो स्वास्थ्य मंत्रालय, रेड क्रॉस आदि के संपर्क में हैं। अभी तक इस संयंत्र को वायुसेना की मदद से लाने का प्लान तैयार हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं खुद का आधा भारतीय और आधा जर्मन महसूस करता हूं। जब भी सोशल मीडिया पर भयानक स्थिति को देखता हूं, तो दिल दहल उठता है। एक दिन फिर सब सही हो जाएगा और लोग भारत की सुंदरता देखेंगे। उन्होंने अंत में कहा कि मेरा संदेश है- टीका लगवाओ। ये बहुत जरूरी है, वैसे भी भारत में दो मेड इन इंडिया टीके हैं।

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