पाकिस्तान ने 50 हजार टन चीनी खरीदने के लिए निकाला ग्लोबल टेंडर, ‘ब्लैकलिस्ट’ में भारत और इजरायल

0
186

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने देश में चीनी की किल्लत खत्म करने के लिए 50 हजार टन सफेद चीनी खरीदने का ग्लोबल टेंडर जारी किया है लेकिन इस लिस्ट से भारत को बाहर रखा गया है। लेकिन, पाकिस्तान सरकार के इस टेंडर पर भी खारिज होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, भारतीय चीनी उद्योग ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले को पाकिस्तान के लिए ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

चीनी के लिए टेंडर

दरअसल, पाकिस्तान की सरकारी ट्रेडिंग कंपनी टीसीपी ने सोमवार को 50 हजार टन चीनी खरीदने का फैसला करते हुए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। लेकिन, इस टेंडर में लिखा है कि चीनी का आयात भारत जैसे प्रतिबंधित देशों से नहीं किया जा सकता है। यानि, भारत के चीनी व्यापारी पाकिस्तान में टेंडर नहीं भर सकते हैं। जिसे भारतीय चीनी उद्योग ने पड़ोसी देश द्वारा उठाया गया दुर्भाग्यपूर्ण कदम करार दिया है और पाकिस्तान के लिए ही घाटे का सौदा बताया है। पाकिस्तान को भारत को टेंडर से भारी रखना क्यों भारी पड़ने वाला है ये हम आपको बताते हैं।

दो टेंडर हो चुके हैं रद्द

ये कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान सरकार की तरफ से चीनी खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया हो। इससे पहले भी 50-50 हजार टन चीनी खरीदने के लिए दो बार ग्लोबल टेंडर जारी किया गया था लेकिन उस टेंडर में इतनी ज्यादा ऊंची बोली लगाई गई थी कि पाकिस्तान को दोनों टेंडर रद्द करना पड़ा। पाकिस्तान के लिए उतनी ज्यादा ऊंची कीमत पर चीनी खरीदना गर्दन पर बोझ साबित होगा। इस वक्त पाकिस्तान में चीनी की कीमत 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बिक रही है और अगर पाकिस्तान ऊंचे दाम पर चीनी खरीदता है तो फिर पाकिस्तान में चीनी और महंगी हो जाएगी। लिहाजा, तीसरे ग्लोबल टेंडर से पहले पाकिस्तान दो टेंडर रद्द कर चुका है।

भारत से बैर का नतीजा

पाकिस्तान में पिछले साल चीनी का उत्पादन कम हुआ है। ऐसे में पाकिस्तान के घरेलू बाजार में चीनी की किल्लत है और दाम 100 रुपये पार कर चुका है। 100 रुपये किलो चीनी खरीदना पाकिस्तानी जनता के लिए काफी मुश्किल हो रहा है जिसके लिए इमरान खान सरकार के खिलाफ जनता में भारी गुस्सा है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान सरकार ने चीनी की किल्लत कम करने के लिए भारत से चीनी खरीदने का फैसला किया था लेकिन विपक्ष के भारी विरोध के बाद इमरान खान को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा। और अब पाकिस्तान की तरफ से 50 हजार टन चीनी खरीदने के लिए ग्लोबल टेडर निकाला गया है। पाकिस्तान ने अपने टेंडर में ये भी सख्ती के साथ लिखा है कि चीनी का आयात भारत के साथ साथ इजरायल से भी नहीं होना चाहिए।

फिर मुंह की खाएगा पाकिस्तान

पाकिस्तान सरकार ने टेंडर तो जारी कर दिए हैं लेकिन जिसी किसी भी देश से पाकिस्तान चीनी खरीदेगा, उसकी लागत ज्यादा होगी। 50 हजार टन चीनी पाकिस्तान तक लाने में पहले तो महीने भर से ज्यादा का वक्त लगेगा और उसकी ट्रांसपोर्टेशन लागत भी ज्यादा होगी। पाकिस्तान सरकार के ग्लोबल टेंडर में ट्रेडर्स को 14 अप्रैल तक बोली जमा करने को कहा गया है। वहीं, कहा गया है कि चीनी की आपूर्ति कराची बंदरगाह पर करनी होगी।

भारत की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के इस फैसले को ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोशिएशन ने पाकिस्तान के लिए ही दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। एसोसिएशन के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी ने कहा है कि ‘ग्लोबल टेंडर से भारत को बाहर रखना पाकिस्तान के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या पाकिस्तान को भारतीय चीनी के क्वालिटी के मुताबिक कम कीमत पर चीनी कहीं और से मिल सकेगी?’ इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारतीय चीनी की क्वालिटी विश्व में सबसे अच्छी है और पाकिस्तान के लिए ये और भी सस्ता पड़ता क्योंकि भारत से चीनी खरीदने में ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बेहद कम आता और समय भी कम लगता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए भारत से चीनी खरीदना ना सिर्फ सस्ता बल्कि आसान भी होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here