गिराए जा रहे हैं सैकड़ों साल पुराने धार्मिक स्थल की दीवारें, लोगो ने जताया गुस्सा

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लखनऊ में हुसैनाबाद ट्रस्ट पर बने सैकड़ों साल पुराना धार्मिक स्थल कदम रसूल और शाहनजफ इमामबाड़ा की बाउंड्री गिराए जाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रकट किया है. इस दौरान शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने मौके पर पहुंचकर सरकार को तुरंत काम रुकवाने और धार्मिक स्थल की दीवार गिराने पर विरोध प्रकट किया. जानकारी के मुताबिक लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन है, जिस पर शनजफ़ इमामबाड़ा और धार्मिक स्थल कदम रसूल बना हुआ है.

हालांकि धार्मिक स्थल से थोड़ी दूरी पर लखनऊ में स्मार्ट सिटी का पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है. आरोप है कि स्मार्ट सिटी के काम के दौरान हुसैनाबाद ट्रस्ट इमामबाड़े की दीवार को नुकसान पहुंचा कर गिरा दिया गया और उसकी देख-रेख करने कोई नहीं आया. आरोप यह भी है कि हुसैनाबाद ट्रस्ट से यहां पर काम करने के लिए कोई भी परमिशन नहीं ली गई. इसके बावजूद काम किया जा रहा है.

इस दौरान मौके पर पहुंचे धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने सरकार को स्मार्ट सिटी के तहत डाली जा रही अमृत योजना को तुरंत बंद करने की बात कही और यह भी कहा कि 200 मीटर दूरी तक आर्कलॉजिकल डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया से जुड़ी यह धार्मिक स्थल के पास काम नहीं होना चाहिए. इसे तत्काल रोक देना चाहिए और अगर यह काम नहीं रोका गया तो जल्दी हम लोग यहां पर जलसा करेंगे. जल निगम की तरफ से मौजूद इंजीनियर ने कहा कि वे जल्द ही इन दीवारों का पुनः निर्माण करा देंगे. उन्होंने कहा कि यह दीवार कार्य करने की वजह से नहीं गिरी है, पड़ोस में चल रहे काम की धमक से गिर गई है.

शिया धर्म गुरु यासूब अब्बास ने कहा कि हमारे हुसैनाबाद ट्रस्ट में किसी से परमिशन नहीं ली गई और यहां पर यह दीवार गिरा दी गई. सरकार को तुरंत काम रुकवाना चाहिए. इस वजह से हमें काफी नुकसान हो रहा है. इसमें स्मार्ट सिटी की गलती है और स्मार्ट सिटी को ही इसका हर्जाना देना होगा. वहीं इंजीनियर अनूप ने कहा कि दीवार गिराई नहीं गई है. काम चल रहा है तो पोकलैंड चलती है, जेसीबी चलती है. संभव है उसे पीछे करने में दीवार गिर गई हो. हम इसको तुरंत रिपेयर करवा देंगे

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