एक झटके में 8.5रु प्रति लीटर सस्ता हो सकता है पेट्रोल,RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की सलाह पर सरकार कर रही तैयारी

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पेट्रोल-डीजल की कीमत पर आम जनता को राहत देने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसके लिए वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की सलाह पर अमल की तैयारी शुरू की है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रहा है. पिछले दस महीनों में कच्चे तेल का भाव लगभग दोगुना हो गया है, जिसका कारण पेट्रोल-डीजल का भाव आसमान छू रहा है. कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपए और डीजल 90 रुपए के पार बिक रहा है.

पिछले दिनों रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि केंद्र और राज्य को आपस मिलकर बात करना चाहिए. उन्होंने कीमत में कटौती को लेकर टैक्स में कटौती का सुझाव दिया था.

पेट्रोल-डीजल की कीमत में 60 फीसदी टैक्स होता है. पेट्रोल की कीमत पर केंद्र एक्साइज ड्यूटी वसूलता है और राज्य सरकारें वैल्यू एडेड टैक्स यानी VAT वसूलता है. मोदी सरकार ने पिछले 12 महीनों में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में दो बार इजाफा किया है. पिछले साल मार्च से लेकर मई 2020 के बीच पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 13 रुपए और डीजल में 16 रुपए लीटर की वृद्धि की गई. वर्तमान में पेट्रोल पर कुल मिलाकर 32.90 रुपए और डीजल पर 31.80 रुपए लीटर उत्पाद शुल्क लागू है.

अभी कितना-कितना टैक्स?

1 मार्च को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 91.17 रुपए प्रति लीटर था. टैक्स की बात करें तो बेस प्राइस महज 33.26 रुपए था. इस पर 32.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी और 21.04 रुपए वैट लगाया गया है. उसी तरह डीजल का भाव 81.47 रुपए प्रति लीटर था. इसमें बेस प्राइस 34.97 रुपए है. एक्साइज ड्यूटी 31.80 रुपए और वैट 11.94 रुपए है.

सरकार की कमाई पर नहीं होगा कोई असर

एक्साइज ड्यूटी में 8.50 रुपए प्रति लीटर तक कटौती करने को लेकर विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि इससे राजस्व पर असर नहीं होगा. आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज ने कहा है, ‘हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में वाहन ईंधन पर यदि उत्पाद शुल्क में कोई कटौती नहीं की जाती है तो यह 4.35 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी जबकि बजट अनुमान 3.2 लाख करोड़ रुपए का है. इस हिसाब से यदि एक अप्रैल 2021 को अथवा इससे पहले उत्पाद शुलक में 8.5 रुपए प्रति लीटर की भी कटौती की जाती है तो अगले वित्त वर्ष के बजट अनुमान को हासिल कर लिया जाएगा.’

15 महीने में 9 बार बढ़ाई गई थी एक्साइज ड्यूटी

केन्द्र सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के गिरते दाम का लाभ उठाते हुए नौ बार पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया. कुल मिलाकर 15 माह में पेट्रोल पर उत्पाद शुलक में 11.77 रुपए और डीजल पर 13.47 रुपए लीटर की वृद्धि की गई. इससे सरकारी खजाने में भी अच्छी वृद्धि हुई. इस समय दिल्ली में पेट्रोल का दाम 91.17 रुपए और डीजल का दाम 81.47 रुपए लीटर है.

MCX पर डिलिवरी वाले क्रूड ऑयल का भाव

वायदा बाजार में कच्चा तेल की कीमत बुधवार को 1.81 फीसदी की गिरावट के साथ 4,387 रुपए प्रति बैरल रह गई. MCX पर मार्च डिलिवरी वाला तेल शाम के 7.30 बजे 27 रुपए की गिरावट के साथ 4441 रुपए प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था. अप्रैल डिलिवरी वाला तेल 34 रुपए की गिरावट के साथ 4450 रुपए प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.

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