रूपये की गिरावट जारी, टूटा 20 साल का रिकॉर्ड

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डॉलर के मुकाबले रुपया एक बार फिर गुरुवार को अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। एक डॉलर की कीमत बढ़कर 80.28 रुपये हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ डॉलर 20 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। बता दें, बुधवार को एक डॉलर की कीमत 79.98 रुपये थी।

डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने की एक बड़ी वजह यूएस फेड के द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाया जाना है। बुधवार को यूएस फेड ने मंहगाई को नियंत्रित करने के 0.75 बेसिस प्वाइंट ब्याज दर बढ़ाया था। इससे पहले जुलाई में भी यूएस फेड के द्वारा ब्याज दरों में इजाफा किया गया था। बता दें, रुपये की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय बैंक ने जुलाई में 19 अरब डॉलर के रिजर्व को बेच दिया था। लेकिन स्थिति बहुत बेहतर नहीं हुई है। 

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नहीं है ज्यादा बुरी खबर

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को नाम ना छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया,“बाजार के बुनियादी अनुरूप कमजोर रुपया हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है।” अधिकारी के अनुसार,“भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी मददगार साबित होगा। इससे इंपोर्ट घटेगा और एक्सपोर्ट बढ़ेंगा।” हालांकि, इस पूरे मसले पर अभी वित्त मंत्रालय ने कोई कमेंट नहीं किया है।

कहां तक जा सकता है रुपया 

अनुज गुप्ता का कहना है कि फेडरल रिजर्व के सख्‍त बयान के बाद डॉलर के मुकाबले सभी बड़ी करेंसी में गिरावट देखने को मिल सकती है. रुपये में गिरावट देखने को मिलेगी. भारतीय रुपया जल्‍द ही 81 से 82 का लेवल दिखा सकता है.

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