गहरा सकता है यूक्रेन-रूस युद्ध

0
27

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग की और गहराने की संभावनाएं जताई जा रही हैं, क्योंकि यूक्रेन में रूस हमले और भी तेज कर सकता है. ऐसी खबर है कि यूक्रेन की सीमा पर बीते कुछ दिनों में रूस ने बड़ी संख्या में खतरनाक लड़ाकू विमानों की तैनाती में इज़ाफा कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इशारा मिलते ही ये लड़ाकू विमान यूक्रेन की सीमा में बमवर्षा शुरू कर देंगे. जिसमें हजारों लोगों की जानें जा सकती हैं. रूसी हमले की खबर के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन आज देश को संबोधित करने वाले हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ऐसी खबर है कि पिछले कुछ दिनों में रशियन एयरोस्पेस फोर्सेस के लगभग 650 लड़ाकू विमानों को यूक्रेन के साथ सीमा पर स्थानांतरित किया गया है. व्लादिमीर पुतिन के आज के भाषण के बाद यूक्रेन पर एक बड़ा हवाई हमला संभव है. बताया जा रहा है कि पुतिन आज प्री-रिकॉर्डेड स्पीच देंगे और अटकलें हैं कि ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ का ऐलान करेंगे. अगर ऐसा होता है तो रूसी सेना यूक्रेन में अपने हमले तेज कर देगी. बता दें कि रूस और यूक्रेन युद्ध को 6 महीने से अधिक हो चुके हैं और मौजूदा समय में इस युद्ध में यूक्रेन, रूस पर भारी पड़ता नजर आ रहा है.

ब्रिटेन ने पहले ही दे दी थी चेतावनी
बता दें कि बीते दिनों ब्रिटेन ने भी इस ओर इशारा किया था कि युद्ध के मैदान में कथित तौर पर हार रहा रूस हमले तेज कर सकता है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों के दौरान रूस ने यूक्रेन में नागरिक ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए हैं. अग्रिम मोर्चे पर नुकसान उठाने के बाद रूस के हमले तेज करने के आसार हैं और मंत्रालय के मुताबिक रूस अब सीधे तौर पर यूक्रेनी लोगों और सरकार के आत्मविश्वास को हिलाने के मकसद से हमले की तैयारी कर रहा है.

रूस को यूक्रेन से लगातार रही है कड़ी चुनौती
वहीं, पश्चिमी रक्षा अधिकारियों और विश्लेषकों ने बताया कि पूर्वी क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के और बढ़त बनाने के प्रयास के बीच रूसी सेना पूर्वोत्तर यूक्रेन में नई रक्षा पंक्ति तैयार कर रही है. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने दैनिक खुफिया जानकारी से अवगत कराते हुए कहा कि इस पंक्ति के ओस्किल नदी और स्वतोव के बीच रहने की संभावना है, जो यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है. युद्ध में यूक्रेनी सेना के जवाबी हमले के बाद पहले की अग्रिम पंक्ति टूटने से रूसी सेना नई अग्रिम पंक्ति तैयार कर रही है. यूक्रेन ने पहले की रूसी अग्रिम पंक्ति को तोड़कर पूर्वोत्तर खारकीव क्षेत्र में बड़े क्षेत्रों पर फिर से कब्जा कर लिया है, जो रूस की सीमा से लगते हैं.

सैन्य और राजनयिक दबाव के बीच रूस
यूक्रेन की सेना के शनिवार को भी आगे बढ़ने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध क्षेत्र के साथ-साथ वैश्विक शक्तिओं के मंच पर भी दबाव बढ़ने लगा है. बीते दिनों उज्बेकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन में पुतिन ने हाल में सेना को मिले झटकों के बावजूद यूक्रेन पर हमला जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई. पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर चीन के तमाम ‘सवालों और चिंताओं’ को स्वीकार किया और इस पूरे संघर्ष के दौरान ‘संतुलित रूख’ को लेकर चीन की शी चिनफिंग नीत सरकार को धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन से इतर पुतिन से द्विपक्षीय बैठक की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आज का युग युद्ध का नहीं है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here