विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम इंडिया दोराहे पर, शोएब अख्तर ने कही बड़ी बात, राहुल द्रविड़ को लेकर कहा ये

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पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का मानना है कि विराट कोहली का कप्तानी युग खत्म होने के बाद भारत दोराहे पर है जिससे राहुल द्रविड़ के सामने यह साबित करने की बड़ी चुनौती है कि उन्हें कोच के रूप में बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया गया. वनडे टीम की कप्तानी छीने जाने के कुछ हफ्तों बाद कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 की हार के बाद सभी को हैरान करते हुए सबसे लंबे प्रारूप में भी कप्तानी छोड़ दी. कोहली ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इस बात का ऐलान किया था.

अख्तर ने यहां लीजेंड्स लीग क्रिकेट टी20 टूर्नामेंट के इतर समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि सौरव गांगुली (बीसीसीआई अध्यक्ष) और अन्य लोग क्या सोचते हैं. लेकिन निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट शिखर (दोराहे) पर है.’’

द्रविड़ के सामने बड़ी चुनौती

कार्यकाहक कप्तान लोकेश राहुल की अगुआई में भारत ने साउथ अफ्रीका दौर पर वनडे सीरीज भी गंवाई जो राहुल द्रविड़ की अगुआई वाले नए कोचिंग प्रबंधन के मार्गदर्शन में पहले ही विदेशी दौरे पर पहली हार है. अख्तर ने कहा, ‘‘नहीं, भारतीय क्रिकेट नीचे नहीं गिरने वाला. आपको स्थिति को संभालना होगा. राहुल द्रविड़ के सामने बड़ी चुनौती है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद करता हूं कि लोग ये नहीं कहेंगे कि कोच के रूप में उसे बढ़ा-चढ़कर पेश किया गया और बेशक उसे रवि शास्त्री की जगह लेनी है जिन्होंने काफी अच्छा काम किया. उसके सामने बड़ी चुनौती है, देखते हैं वह कैसा प्रदर्शन करता है.’’

अख्तर को थी ये उम्मीद

भारत ने पहला टेस्ट जीता था लेकिन अगले दो टेस्ट गंवा दिए जिससे साउथ अफ्रीका में सीरीज जीतने का उसका सपना एक बार फिर टूट गया. कोहली को 2014 में महेंद्र सिंह धोनी की जगह भारत का टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था और उन्होंने अपने अभियान का अंत भारत के सबसे सफल कप्तान के रूप में किया. 33 साल के कोहली ने टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था जिसके बाद उन्हें वनडे टीम के कप्तान के रूप में भी हटा दिया गया जिससे उनके और बीसीसीआई के आला अधिकारियों के बीच मतभेद उजागर हुए.

अख्तर को इसकी उम्मीद थी क्योंकि उन्होंने टी20 विश्व कप के दौरान भारतीय ड्रेसिंग रूम में विभाजन देखा था. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि ऐसा होने वाला है. उस समय मैं दुबई में था और मुझे इसकी पूरी जानकारी है. मुझे पूरे मामले की जानकारी थी और भारत में अपने मित्रों के जरिए पता था कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में क्या चल रहा था. ऐसे लोग थे जो उसके खिलाफ थे. इसलिए मैं कप्तानी छोड़ने के उसके फैसले से हैरान नहीं था. यह आसान काम नहीं होता.’’

तेज गेंदबाजों को बदलना पड़ता है

भारत को इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका में कुछ यादगार जीत दिलाई हैं और अख्तर ने कहा कि तेज गेंदबाजों को उसी तरह बदलना पड़ता है जैसे गाड़ी के टायर बदलने पड़ते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने काफी अच्छी प्रगति की. मैं काफी प्रभावित हूं, उम्मीद करता हूं कि उपमहाद्वीप से ऐसे और तेज गेंदबाज आते रहेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे.’’

अख्तर ने कहा, ‘‘मुझे सभी पसंद हैं, मुझे बुमराह पसंद है, शमी शानदार है… अगर वे पाकिस्तानियों की तरह रवैया विकसित करें तो यह अच्छा रहेगा.’’

इन खिलाड़ियों के ढूंढ़ने होंगे विकल्प

अख्तर का हालांकि मानना है कि इशांत, शमी, उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार अपने करियर के अंतिम चरण पर हैं और उनके विकल्पों पर विचार करने का समय है. उन्होंने कहा, ‘‘वे टीम के ‘पहियों’ की तरह हैं. बेशक आपको उनको बदलना होगा जैसे आप ‘टायर’ बदलते हो. उन्हें बीच में आराम की भी जरूरत है. ’’

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