यूपी के बदायूं केस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया चौंकाने वाला खुलासा , सीएम योगी ने दिए सख्त करवाई के आदेश

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बदायूं/लखनऊ (उप्र)- बदायूं जिले में मंदिर में पूजा करने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हें। योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय अपर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है। सीएम योगी ने आरोपी की तलाश करने के लिए एसटीएफ को निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सीएम ने एडीजी बरेली जोन को घटना के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीएम ने यूपीएसटीएफ को घटना की विवेचना में सहयोग देने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही विपक्षी दलों ने इस घटना को ‘निर्भया कांड’ से जोड़ते हुए प्रदेश सरकार को घेरा है।

दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी जी ने बदायूं की घटना का संज्ञान लिया है, इस संबंध में ADG से रिपोर्ट मांगी है। निर्देश दिए गए हैं कि अगर STF को भी लगाना पड़े तो उन्हें लगाकर जल्द घटना की जांच की जाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाए। मामले में अबतक पुलिस ने महंत के चेले और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

महंत समेत 3 पर मामला दर्ज

बता दें कि, उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में मंदिर में पूजा-अर्चना करने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, इस मामले में मंदिर के महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बुधवार को बताया कि गत रविवार को उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर गयी 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजन ने मंदिर के महंत और उनके दो साथियों पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनमें से दो लोगों को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी महंत फरार है, उसे गिरफ्तार करने के लिए चार दल गठित किए गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

संकल्प शर्मा ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी को निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है और उसके गुप्तांग में चोट के निशान तथा पैर की हड्डी टूटी पाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के गुप्तांग में रॉड जैसी कोई चीज डालने का मामला सामने आया था। उसकी बाईं पसली, बायां पैर और बायां फेफड़ा भी वजनदार प्रहार से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। महिला की मौत की वजह अधिक रक्तस्राव व सदमा लगने से होना सामने आई थी तो पुलिस महकमे पर सवाल उठने लगे।

जानिए क्या है पूरा मामला

महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां पिछले रविवार की शाम गांव के ही मंदिर में पूजा अर्चना करने गई थी और रात करीब 11 बजे मंदिर का महंत दो अन्य लोगों के साथ उसके घर आया और उसकी मां का शव रख दिया। महिला के बेटे ने कहा कि घर के लोग महंत और उनके साथ आए लोगों से कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वे यह कहकर चले गए कि मन्दिर से घर लौटते समय महिला रास्ते में एक सूखे कुएं में गिर गई थी और उसकी चीख-पुकार सुनकर उन्होंने उसे कुएं से बाहर निकाला और घर लेकर आए हैं। महिला के बेटे का कहना है कि पुलिस को घटना की सूचना सोमवार की सुबह दी गयी थी और परिजन इसे पहले ही बलात्कार और हत्या का मामला बता रहे थे लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम के आधार पर कार्रवाई की बात कहते हुए शव को मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

महिला आयोग ने बदायूं की घटना को लेकर उप्र पुलिस से दखल की मांग की

राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में राज्य पुलिस से तत्काल दखल देने को कहा है। आयोग ने यह भी कहा कि वह अपनी एक सदस्य को घटना की जांच के लिए भेजेगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल दखल की मांग की है। बयान में कहा गया है कि महिला आयोग की एक सदस्य पीड़ित परिवार के सदस्यों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। आयोग ने पुलिस से इस मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है।

बदायूं की घटना की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के अधीन जांच हो : कांग्रेस

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला की कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या किए जाने के मामले को लेकर बुधवार को राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन इस मामले की जांच होनी चाहिए। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा पर सरकार की नीयत में खोट है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हाथरस में सरकारी अमले ने शुरुआत में फरियादी की नहीं सुनी, सरकार ने अफसरों को बचाया और आवाज को दबाया। बदायूं में थानेदार ने फरियादी की नहीं सुनी, घटनास्थल का मुआयना तक नहीं किया। महिला सुरक्षा पर उप्र सरकार की नीयत में खोट है।’’ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला किया और सवाल किया कि आखिर योगी आदित्यनाथ सरकार कब जागेगी? उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘वीभत्स, जघन्य, मानवता हुई शर्मसार! कितनी और निर्भया? कितनी और हैवानियत? कब जागेगी आदित्यनाथ सरकार? कहां हैं हमारे सजग पत्रकार?’’

लापरवाही में इंस्पेक्टर सस्पेंड

यूपी के बदायूं जिले में महिला से गैंगरेप के बाद हुए हैवानियत के मामले पुलिस रात भर आरोपियों की तलाश में जुटी रही। पुलिस ने महंत के चेले और ड्राइवर को गिरफ्तार लिया है। मामले में इंस्पेक्टर रावेंद्र प्रताप सिंह की खुली लापरवाही सामने आई है। इस पर एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा और सीओ बिल्सी अनिरुद्ध सिंह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने थानेदार को निलंबित कर दिया है।

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