चीन के इस शहर में जैसे-जैसे बढ़ रही है वीरानी, आबाद हो रहे नोएडा में बढ़ रहा रोजगार

0
950

दो महाशक्तियों के बीच लड़ाई का फायदा भारत और वियतनाम को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बाद अमेरिका ने चीन के सामानों पर काफी टैक्स लगा दिया है। लिहाजा, विदेशी कंपनियां अपना कारोबार चीन से समेटकर भारत का रुख कर रही हैं। इसकी वजह से उत्तरी चीन के पर्ल नदी किनारे बसा हुइजू शहर धीरे-धीरे वीरान होता जा रहा है और उसकी रौनक भारत के नोएडा में बढ़ती जा रही है। सबसे नए मामले में साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग ने हुइजू शहर में चल रही 30 साल पुरानी फैक्ट्री को अक्टूबर 2019 में बंद कर दिया था।

अब इस ऑफिस के काम को नोएडा और वियतनाम की फैक्ट्री में भेज दिया गया है। लिहाजा, नोएडा में काम के मौके, भाग-दौड़ और रौनक बढ़ रही है। उधर, अब चीन में सैमसंग के आखिरी कारखाने के बंद होने के बाद हुइजू शहर ठहर गया है और वीरान हो गया है। उधर, अमेजन सहित ई-कॉमर्स कंपनियां भी चीन में अपना कारोबार समेट कर भारत और अन्य देशों में शिफ्ट करने जा रही हैं। विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों को चीन में काम करने में काफी परेशानी की सामना करना पड़ता है।

चीन और अमेरिका के बीच चल रही जंग को देखते हुए सैमसंग ने पिछले साल नोएडा में अपनी सबसे बड़ी फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में सैमसंग का बड़ा मार्केट शेयर है। स्मार्टफोन सेगमेंट में सैमसंग के पास 25 फीसदी मार्केट शेयर है। सैमसंग को भारत में कारोबार की बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं, लिहाजा वह चीन की बजाय अब अपना ध्यान भारत पर लगा रही है। सैमसंग अपनी मैनुफैक्चरिंग यूनिट को भी भारत में शिफ्ट कर सकती है।

आपको बता दें कि चीन स्मार्टफोन समेत मोबाइल सेगमेंट में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। साल 2013 में इस बाजार में सैमसंग की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत थी, जो घटकर एक फीसद रह गई है। लिहाजा, विदेशी कंपनियां चीन से अपना कारोबार समेटकर दूसरे देशों की तरफ रुख कर रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here