उत्तराखंड सरकार ने कुम्भ मेले के लिए जारी की गाइडलाइन, इसबार 30 दिनों के लिए लगेगा मेला

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देहरादून: मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने गुरुवार को कहा कि जारी कोरोनज्ञ वायरस महामारी के कारण उत्तराखंड सरकार ने इस साल कुंभ को 30 दिनों के लिए सीमित करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस बार मार्च के अंत तक नोटिस जारी किया जाएगा कि इस बार कुंभ 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। यह फैसला COVID-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है।

राज्य सरकार ने भी कुंभ की अवधि को कम करने पर जोर दिया है, क्योंकि उन्हें वायरस का हॉटस्पॉट बनने का डर है।

इससे पहले, हरिद्वार के जिला मजिस्ट्रेट सी रविशंकर ने कहा कि कुंभ में शामिल होने के लिए तीर्थयात्रियों को पास की आवश्यकता होगी।

रविशंकर ने कहा, “तीर्थयात्रियों को कुंभ के लिए पास की आवश्यकता होगी और पास को नेगेटिव आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट, चिकित्सा प्रमाण पत्र और पहचान प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद ही जारी किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए COVID-19 टीकों की 70,000 खुराक की मांग की है।

कुंभ प्रशासन ने भीड़ की निगरानी के लिए गंगा घाटों पर कैमरे भी लगाए हैं।

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे “पेंट माई सिटी” नामक अभियान के तहत, भक्तों और पर्यटकों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए हरिद्वार को पौराणिक कथाओं वाली रंगीन दीवार में बदल दिया गया है।

मेले के उप अधिकारी हरबीर सिंह ने कुंभ को रंगों का त्योहार बताते हुए कहा कि हरिद्वार में उपलब्ध दीवारों, पुलों, सरकारी भवनों और अन्य स्थानों पर हिंदू पौराणिक कथाओं और उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाने वाले भित्तिचित्र स्थापित किए गए हैं।

भारत भर में चार नदी-तीर्थ स्थलों पर 12 साल के चक्र में महाकुंभ मनाया जाता है। मेले का समापन अप्रैल के अंतिम सप्ताह में होगा।

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