ED के नोटिस का Flipkart ने दिया जवाब, जांच में हर तरह से सहयोग करेगी कंपनी

0
363

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि कंपनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों सहित भारतीय कानूनों का अनुपालन करती है और फेमा के कथित उल्लंघन को लेकर भेजे गए नोटिस पर प्रवर्तन निदेशालय के साथ सहयोग करेगी.
आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फ्लिपकार्ट और उसके प्रवर्तकों को विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन के लिए 10,600 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

संपर्क करने पर फ्लिपकार्ट ने कहा कि वह एफडीआई नियमों सहित भारतीय कानूनों और विनियमों का अनुपालन करती है. ई-कॉमर्स कंपनी ने कहा, “अधिकारी अपने नोटिस के अनुसार 2009-2015 की अवधि से संबंधित इस मामले की जांच करेंगे और इसमें हम उनके साथ सहयोग करेंगे. हालांकि कंपनी के संस्थापकों से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

10 लोगों को जारी किया गया नोटिस

सूत्रों के अनुसार, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की विभिन्न धाराओं के तहत पिछले महीने कुल 10 लोगों को नोटिस जारी किया गया था, जिनमें फ्लिपकार्ट, उसके संस्थापक सचिन बंसल और बिन्नी बंसल शामिल हैं.

इन नियमों को तोड़ने का है आरोप

सूत्रों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद नोटिस जारी किया गया और कंपनी पर लगे आरोपों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन और बहु-ब्रांड खुदरा को विनियमित करना शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी और उसके अधिकारी अब न्यायिक फैसले का सामना करेंगे। एजेंसी के चेन्नई स्थित एक विशेष निदेशक-रैंक के अधिकारी इस कार्यवाही का संचालन करेंगे.

वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में खरीदी बड़ी हिस्सेदारी
वॉलमार्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट में 16 अरब डॉलर में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी. यह अब तक का सबसे बड़ा सौदा है. सचिन बंसल ने उस समय अपनी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेच दी थी, जबकि बिन्नी बंसल ने एक छोटी हिस्सेदारी बरकरार रखी थी. जुलाई में 3.6 बिलियन डॉलर के फंडिंग राउंड के बाद फ्लिपकार्ट का वैल्युएशन तीन साल से भी कम समय में दोगुना होकर 37.6 बिलियन डॉलर हो गया. इस दौरान सॉफ्टबैंक ने बाजार में शुरुआत से पहले कंपनी में फिर दोबारा निवेश किया. नोटिस ऑनलाइन रिटेलर के लिए नया नियामक सिरदर्द है, जो पहले से ही भारत में सख्त प्रतिबंधों और एंटीट्रस्ट जांच का सामना कर रहा है और छोटे विक्रेताओं की शिकायतों की बढ़ती संख्या है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here